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झारखंड- विधायक को मिली कोर्ट से बड़ी राहत, चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, याचिकाकर्ता को लगाया 50 हजार का जुर्माना

Jharkhand - MLA gets major relief from court, petition challenging the election dismissed, petitioner fined Rs 50,000.

झारखंड हाई कोर्ट ने सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को प्रारंभिक सुनवाई में ही खारिज कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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रांची/5.2.26। सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पारित किया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रस्तुत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसमें ऐसे कोई ठोस आधार नहीं हैं, जिनके आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जा सके।

दरअसल, यह चुनाव याचिका सिंदरी विधानसभा चुनाव में फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रत्याशी रहे हीरालाल शंखवार की ओर से दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि विधायक चंद्रदेव महतो ने गलत तरीके से विधानसभा चुनाव जीता है और उन्होंने अपने आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी चुनाव आयोग को सही ढंग से नहीं दी। इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि चुनाव प्रचार के दौरान चंद्रदेव महतो ने अनुचित और भ्रामक प्रचार का सहारा लिया, जिससे मतदाताओं को गुमराह किया गया और उसी के आधार पर उन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की।

याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से चंद्रदेव महतो के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को यह बताने की कोशिश की कि निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है और उम्मीदवार द्वारा आवश्यक जानकारियां छुपाई गई हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने प्रारंभिक स्तर पर ही इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप सामान्य और अस्पष्ट हैं तथा उन्हें साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव याचिका दायर करने का उद्देश्य केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अनावश्यक रूप से परेशान करना प्रतीत होता है। इसी आधार पर अदालत ने न केवल याचिका को खारिज किया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, ताकि भविष्य में बिना पर्याप्त आधार के इस तरह की याचिकाएं दाखिल करने से रोका जा सके।

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और उनके समर्थकों में राहत की भावना देखी जा रही है। उनके करीबी नेताओं का कहना है कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के जनादेश की जीत है और यह साबित करता है कि चुनाव के बाद राजनीतिक द्वेष के चलते दायर की जाने वाली निराधार याचिकाओं को न्यायपालिका गंभीरता से नहीं लेती।

वहीं, राजनीतिक हलकों में इस फैसले को एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के आदेश भविष्य में उन लोगों के लिए चेतावनी हैं, जो चुनाव हारने के बाद बिना ठोस तथ्यों के कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं।

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