शिक्षा विभाग में वेतन निर्धारण को लेकर जारी हुआ अहम निर्देश, सभी DEO को भेजा गया पत्र, जानिये किसे कितना होगा लाभ
Important instructions have been issued regarding salary determination in the Education Department, a letter has been sent to all DEOs, find out who will benefit the most.

सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त विद्यालय लिपिकों को अब विद्यालय सहायकों के समान प्रतिमाह 16,500 रुपये नियत वेतन मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर 500 रुपये की वार्षिक वेतनवृद्धि का भी प्रावधान किया है। साथ ही, एनपीएस और एचआरएमएस से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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School Education News : शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण को लेकर अहम निर्देश जारी किया है। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। दरअसल बिहार के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विद्यालय लिपिकों के लिए ये राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य के राजकीयकृत, प्रोजेक्ट, उत्क्रमित एवं नवस्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त विद्यालय लिपिकों को अब विद्यालय सहायकों की भांति ही प्रतिमाह 16,500 रुपये नियत वेतन प्रदान किया जाएगा।
इसके साथ ही 500 रुपये की वार्षिक वेतनवृद्धि भी देय होगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा के हस्ताक्षर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। विभागीय निर्णय से राज्य भर के विद्यालय लिपिकों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा मामला
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह निर्णय बिहार राज्य विद्यालय लिपिक (नियुक्ति, सेवाशर्त एवं अनुशासनिक कार्रवाई) संवर्ग नियमावली, 2025 के तहत लिया गया है। इस नियमावली के अंतर्गत सेवा काल में मृत शिक्षक एवं कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर विद्यालय लिपिक के पद पर नियुक्त किया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियत वेतन की यह व्यवस्था नियमावली के अनुरूप लागू की जा रही है, ताकि नियुक्त कर्मियों के वेतनमान में एकरूपता बनी रहे।
विद्यालय सहायकों पर भी लागू नियमावली
गौरतलब है कि नई नियमावली लागू होने से पहले मृत शिक्षक-कर्मियों के आश्रितों की नियुक्ति विद्यालय सहायक के पद पर की जाती थी। लेकिन संवर्ग नियमावली, 2025 लागू होने के बाद वही नियम अब विद्यालय सहायकों पर भी प्रभावी हो गया है।इसी के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया कि विद्यालय लिपिकों को भी विद्यालय सहायकों के समान वेतन एवं वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए।
NPS और HRMS पर सख्त निर्देश
इस बीच माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि:
• पूर्व में नियुक्त विद्यालय सहायक एवं विद्यालय परिचारी
• जो वर्तमान में संबंधित संवर्ग नियमावलियों से आच्छादित हैं
उनकी एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) कटौती के लिए PRAN नंबर जनरेट किया जाए।इसके बाद संबंधित कर्मियों का पूरा डाटा एचआरएमएस (Human Resource Management System) में दर्ज करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम वेतन एवं सेवा शर्तों में पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एचआरएमएस में डाटा एंट्री से कर्मियों की सेवा संबंधी जानकारी का डिजिटलीकरण होगा, जिससे भविष्य में वेतन, पेंशन एवं अन्य लाभों के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी।








