झारखंड: मां बनी हत्यारिन! अपने ही बेटे और भतीजे की कर दी हत्या, पति के अफेयर व जेठानी को ज्यादा तवज्जो मिलने से थी नाराज, 6 महीने से बुन रही थी खूनी साजिश
झारखंड के दुमका में दो बच्चों की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस ने बच्चों की मां राखी कुमारी को गिरफ्तार किया है। उस पर अपने आठ वर्षीय बेटे और 11 वर्षीय भतीजे को कुएं में धकेलकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, पति पर शक और पारिवारिक विवाद इस वारदात की संभावित वजह बने।

दुमका। मां की ममता और बच्चों की सुरक्षा का रिश्ता उस वक्त सवालों के घेरे में आ गया, जब झारखंड के दुमका में दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि पति के दूसरी महिला से संबंध होने के शक और ससुराल में विधवा जेठानी को अधिक तवज्जो मिलने की नाराजगी ने राखी कुमारी को इस हद तक पहुंचा दिया कि उसने अपने ही आठ वर्षीय बेटे और 11 वर्षीय भतीजे की जान ले ली। पुलिस का दावा है कि इस वारदात की साजिश करीब छह महीने से रची जा रही थी।
मां ही निकली बच्चों की मौत की आरोपी, कुएं से बरामद हुए दोनों शव
दुमका के नगर थाना क्षेत्र से महिला अपने बेटे और भतीजे के साथ अचानक लापता हो गई थी। बच्चों के गायब होने के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में महिला दोनों बच्चों के साथ टोटो से दुधानी की ओर जाती दिखाई दी। इसके बाद उसने किराए की कार ली और गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित अपने मायके सलगाटांड गांव की ओर रवाना हुई।
पुलिस के मुताबिक, गांव पहुंचने से पहले महिला कार से उतर गई और दोनों बच्चों को लेकर एक कुएं के पास गई। आरोप है कि उसने दोनों बच्चों को कुएं में धकेल दिया। बाद में पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कुएं से दोनों मासूमों के शव बरामद किए।
अपने ही बेटे की जान लेने के पीछे क्या थी वजह?
पुलिस की जांच में पारिवारिक विवाद और शक की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, राखी को संदेह था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से संबंध है। वहीं, ससुराल में विधवा जेठानी को अधिक तवज्जो मिलने से भी वह नाराज बताई जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इन्हीं विवादों और कथित बदले की भावना के बीच उसने अपने बेटे और जेठानी के बेटे को निशाना बनाने की साजिश रची। हालांकि, हत्या के पीछे बताई जा रही वजहों को पुलिस जांच के निष्कर्षों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
छह महीने से रच रही थी खूनी साजिश!
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस का वह दावा है, जिसके मुताबिक महिला पिछले छह महीने से वारदात की योजना बना रही थी। यदि जांच में यह बात साबित होती है, तो यह मामला केवल अचानक हुए गुस्से का नहीं, बल्कि कथित तौर पर लंबे समय तक बनाई गई साजिश का होगा।
दोनों बच्चों की मौत के बाद महिला ने कथित तौर पर अपनी साड़ी से फंदे पर लटककर आत्महत्या का नाटक भी किया, ताकि घटना के पीछे किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका होने का भ्रम पैदा हो। पुलिस इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल कर रही है।
तंत्र-मंत्र के दावों की भी जांच
पुलिस के अनुसार, महिला खुद को तांत्रिक शक्तियों से जुड़ा बताती थी और मरे हुए व्यक्ति को जिंदा करने जैसी बातें भी कहती थी। उसके परिवार में एक रिश्तेदार के ओझा का काम करने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों और हत्या के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान महिला ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
आत्महत्या और दूसरी कहानी गढ़ने की कोशिश का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों बच्चों की हत्या के बाद महिला ने अपनी साड़ी से फंदे पर लटककर आत्महत्या का नाटक करने की कोशिश की थी। आरोप है कि वह घटना को दूसरा रूप देना चाहती थी, ताकि लोगों को लगे कि किसी अन्य व्यक्ति ने अपराध किया है।पुलिस ने महिला के तांत्रिक शक्तियां होने के दावों और अंधविश्वास से जुड़े पहलुओं की भी जांच की। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।












