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मेहंदी लगे हाथों से खाना खाना पड़ सकता है भारी! जानें सेहत को कितना नुकसान, बचाव के तरीके भी जानें

क्या मेहंदी लगे हाथों से खाना खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है? जानें PPD केमिकल के खतरे, त्वचा की एलर्जी के लक्षण और बचाव के आसान तरीके।

Lifestyle News: त्योहारों का मौसम हो, करवा चौथ हो या शादी-ब्याह का मौका, हाथों में मेहंदी लगाना महिलाओं को खूब पसंद होता है। मेहंदी हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ कई परंपराओं से भी जुड़ी हुई है। लेकिन मेहंदी लगाने के बाद खानपान को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बाजार में मिलने वाली कुछ केमिकल युक्त मेहंदी त्वचा के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने से सेहत को नुकसान हो सकता है? आइए जानते हैं इसके संभावित खतरे और बचाव के तरीके।

बाजार में मिलने वाली काली मेहंदी क्यों हो सकती है खतरनाक?

प्राकृतिक मेहंदी में लॉसोन नाम का रंग देने वाला तत्व पाया जाता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले कुछ उत्पादों में रंग जल्दी गहरा करने के लिए अतिरिक्त रसायन मिलाए जा सकते हैं। इनमें पैराफेनिलीनडायमीन (PPD) नाम का रसायन विशेष चिंता का विषय है।

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PPD का इस्तेमाल कुछ हेयर डाई में भी किया जाता है, लेकिन त्वचा पर सीधे लगाने के लिए इसकी अधिक मात्रा या अनुपयुक्त इस्तेमाल गंभीर एलर्जी पैदा कर सकता है। इससे त्वचा पर खुजली, लालिमा, सूजन, जलन और फफोले तक पड़ सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि हर बाजार में मिलने वाली मेहंदी में PPD नहीं होता। इसलिए उत्पाद की सामग्री और गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है। विशेष रूप से बहुत जल्दी गहरा या काला रंग देने का दावा करने वाले उत्पादों से सावधान रहें।

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क्या मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने पर पेट में जा सकता है केमिकल?

मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने के खतरे को समझना जरूरी है। यदि मेहंदी का पेस्ट, रंग या अन्य रसायन भोजन में मिल जाएं और शरीर के भीतर चले जाएं, तो नुकसान की आशंका हो सकती है। हालांकि, केवल मेहंदी का रंग हाथों पर लगा होने से पेट की बीमारी होना तय नहीं है।PPD से जुड़ा सबसे प्रमुख खतरा त्वचा पर एलर्जी और संवेदनशीलता है। इसे निगलने पर गंभीर विषाक्तता भी हो सकती है। इसलिए मेहंदी का पेस्ट या रसायन भोजन में मिल जाने से बचाना चाहिए। मेहंदी के कारण सीधे फूड एलर्जी या पेट की बीमारी होने का दावा बिना पर्याप्त प्रमाण के नहीं करना चाहिए।

मेहंदी लगाने के बाद इन 5 बातों का रखें ध्यान

1. प्राकृतिक मेहंदी का चुनाव करें

मेहंदी खरीदते समय उसकी सामग्री और निर्माता की जानकारी जांचें। बहुत जल्दी काला रंग देने वाले उत्पादों से बचें। केवल पैकेट पर लिखे ‘नेचुरल’ या ‘हर्बल’ शब्द पर भरोसा न करें।

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2. खाना खाने से पहले हाथ साफ रखें

यदि हाथों पर मेहंदी का गीला पेस्ट, अतिरिक्त रंग या कोई अन्य पदार्थ लगा है, तो उससे भोजन को छूने से बचें। हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें। मेहंदी सूख जाने के बाद भी यदि कोई अवशेष लगा है, तो उसे हटाना बेहतर है।

3. मेहंदी के पेस्ट को भोजन से दूर रखें

मेहंदी लगाते समय भोजन तैयार न करें। पेस्ट, कोन और अन्य सामग्री को रसोई तथा खाने-पीने की वस्तुओं से दूर रखें। इससे रसायनों के भोजन में पहुंचने की आशंका कम होती है।

4. जलन या खुजली को नजरअंदाज न करें

मेहंदी लगाने के बाद त्वचा पर लालिमा, खुजली, सूजन या फफोले दिखाई दें, तो उत्पाद का इस्तेमाल बंद करें और चिकित्सकीय सलाह लें। सांस लेने में परेशानी या चेहरे और गले में सूजन होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

5. बच्चों पर विशेष सावधानी बरतें

बच्चों की त्वचा संवेदनशील हो सकती है। उन पर अज्ञात सामग्री वाली काली मेहंदी या केमिकल युक्त उत्पाद लगाने से बचें। मेहंदी के कोन और पेस्ट को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

मेहंदी निगलने पर क्या करना चाहिए?

अगर गलती से मेहंदी का पेस्ट या केमिकल वाला उत्पाद निगल लिया जाए, तो लक्षणों का इंतजार न करें। तुरंत डॉक्टर या स्थानीय विष नियंत्रण सेवा से सलाह लें। खुद से उल्टी कराने की कोशिश न करें। यदि उत्पाद का पैकेट उपलब्ध है, तो उसे डॉक्टर को दिखाएं, ताकि उसमें मौजूद रसायनों की पहचान हो सके।

मेहंदी लगाना अपने आप में असुरक्षित नहीं है। असली चिंता कुछ उत्पादों में मौजूद हानिकारक रसायनों और उनके भोजन या शरीर के भीतर पहुंचने की है। इसलिए मेहंदी की गुणवत्ता पर ध्यान दें, भोजन को मेहंदी के पेस्ट से दूर रखें और किसी भी तरह की एलर्जी या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। थोड़ी सी सावधानी से त्योहारों की खुशियों के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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