एडवोकेट अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला: हाईकोर्ट ने दिया अहम निर्देश, SI नहीं, अब डीएसपी करेंगे जांच, हाईकोर्ट ने 2 नवंबर को मांगी रिपोर्ट

रांची: हाईकोर्ट ने अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की मौत मामले में हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी से कराने का निर्देश दिया है। सोमवार को जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लिया।
अदालत ने निर्देश दिया कि अब इस मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। साथ ही अगली सुनवाई के दौरान जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को निर्धारित की गयी है।
सब इंस्पेक्टर कर रहे थे मामले की जांच
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले की जांच अब तक सब इंस्पेक्टर (एसआई) स्तर के अधिकारी कर रहे थे। सरकार की ओर से दिए गये बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने जांच की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा। अब दो नवंबर को होने वाली सुनवाई में जांच की स्थिति पर अदालत की नजर रहेगी।
मृतका के भाई ने दायर की है क्रिमिनल रिट याचिका
अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने अपनी बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। याचिकाकर्ता की मांग है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि मौत से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
शीघ्र सुनवाई के आग्रह पर अदालत ने की सुनवाई
मृतका के भाई की ओर से मामले में शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया गया था। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे सुनवाई का समय निर्धारित किया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के बयान और जांच की जिम्मेदारी डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपने के निर्देश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की रूपरेखा स्पष्ट हुई है।
दो नवंबर को पेश करनी होगी जांच की रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मामले की जांच की निगरानी के लिए अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अब संबंधित अधिकारी को जांच की प्रगति से अदालत को अवगत कराना होगा। दो नवंबर को होने वाली सुनवाई में यह महत्वपूर्ण होगा कि जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है और मामले में किन तथ्यों का पता चला है।











