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सुबह उठते ही 10 मिनट करें ॐ का जाप, शरीर में दिखेगा चमत्कारिक बदलाव, बुद्धि होगी तीव्र, एकाग्रता से लेकर मन की शांति व बेहतर नींद में मिलेगी मदद, जानिये जाप का तरीका

सुबह उठकर 10 मिनट ॐ का जाप करने से मन की शांति, तनाव से राहत, एकाग्रता और बेहतर नींद में मदद मिल सकती है। जानें ॐ जाप करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां।

Benefits of Om Chanting: रफ्तार भरी जिंदगी में काम का दबाव, अनियमित दिनचर्या और लगातार बढ़ती व्यस्तता लोगों की मानसिक सेहत को प्रभावित कर रही है। ऐसे में खुद के लिए कुछ मिनट निकालना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन क्या हो अगर दिन की शुरुआत किसी महंगे उपकरण या कठिन एक्सरसाइज के बजाय सिर्फ एक ध्वनि के उच्चारण से की जाए? भारतीय परंपरा में सदियों से प्रचलित ॐ का जाप एक ऐसा अभ्यास है, जिसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है। नियंत्रित सांस और ध्यान के साथ किया जाने वाला यह अभ्यास मन को शांत करने और तनाव से निपटने में मददगार हो सकता है।

आखिर ॐ के जाप को क्यों माना जाता है खास?

ॐ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व प्राचीन भारतीय परंपरा में विशेष स्थान रखता है। इसके जाप के दौरान व्यक्ति सांस लेने, धीरे-धीरे सांस छोड़ने और ध्वनि के उच्चारण पर ध्यान केंद्रित करता है। इस प्रक्रिया में ध्यान और श्वास अभ्यास, दोनों शामिल हो सकते हैं। बच्चों के नियमित ॐ के अभ्यान से बुद्धि तीव्र होती है।

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यही वजह है कि ॐ का जाप केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे रिलैक्सेशन और माइंडफुलनेस के अभ्यास के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि, इसके सभी स्वास्थ्य लाभों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी समान रूप से मजबूत नहीं हैं।

1. तनावपूर्ण दिन की शुरुआत को बना सकता है आसान

सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखने या दिनभर के कामों के बारे में सोचने के बजाय कुछ मिनट शांत बैठकर ॐ का जाप करना एकाग्रता को वर्तमान क्षण में लाने का तरीका हो सकता है।जाप के दौरान सांस और ध्वनि पर ध्यान देने से कुछ समय के लिए परेशान करने वाले विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है। ध्यान और धीमी सांस से जुड़े कुछ अध्ययनों में तनाव कम होने के संभावित लाभ सामने आए हैं। हालांकि, ॐ के जाप से तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल कितनी मात्रा में कम होता है, इसे लेकर अधिक मजबूत शोध की आवश्यकता है।

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2. धीमी सांस लेने की आदत विकसित करने में मदद

ॐ का उच्चारण करते समय सामान्यतः सांस अंदर लेकर धीरे-धीरे ध्वनि के साथ सांस बाहर छोड़ी जाती है। इससे सांस की गति धीमी करने का अभ्यास हो सकता है।धीमी और सहज सांस लेने से कुछ लोगों को शारीरिक आराम और मानसिक शांति महसूस हो सकती है। जाप के दौरान निकलने वाली ध्वनि का कंपन भी व्यक्ति को शांत अनुभव दे सकता है। हालांकि, केवल इस कंपन से वेगस नर्व सक्रिय होने या हृदय संबंधी बीमारियों का इलाज होने का दावा करना उचित नहीं है।

3. एकाग्रता बढ़ाने के लिए बनाएं सुबह की दिनचर्या का हिस्सा

आज विद्यार्थियों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक, कई लोगों को लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। ऐसे में कुछ मिनट एक ही ध्वनि पर ध्यान देना माइंडफुलनेस का सरल अभ्यास बन सकता है।नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास करने से व्यक्ति अपने विचारों और ध्यान को बेहतर ढंग से समझना सीख सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है और एकाग्रता में सुधार की गारंटी नहीं दी जा सकती।

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4. बेहतर नींद के लिए भी हो सकता है उपयोगी

दिनभर की थकान के बाद भी अगर दिमाग में विचार चलते रहते हैं, तो सोने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में सोने से पहले कुछ मिनट शांत बैठकर ॐ का जाप करना रिलैक्सेशन की दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है।

धीमी सांस और ध्यान से शरीर को आराम महसूस हो सकता है, जिससे सोने से पहले मन को शांत करना आसान हो सकता है। हालांकि, लगातार अनिद्रा की समस्या होने पर केवल जाप पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

5. क्या ॐ का जाप फेफड़ों और ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाता है?

ॐ के जाप के दौरान सांस धीरे-धीरे छोड़ने से श्वास पर नियंत्रण का अभ्यास जरूर होता है। लेकिन इससे फेफड़ों की ऑक्सीजन सोखने की क्षमता काफी बढ़ जाती है या शरीर से सभी विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं, ऐसे दावों के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

सामान्य स्वास्थ्य के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच अधिक महत्वपूर्ण हैं। ॐ का जाप इन स्वस्थ आदतों के साथ एक अतिरिक्त रिलैक्सेशन अभ्यास हो सकता है।

रोज कितनी देर करें ॐ का जाप?

शुरुआत में 5 मिनट का अभ्यास पर्याप्त हो सकता है। सहज महसूस होने पर इसे धीरे-धीरे 10 से 15 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है।
अभ्यास करने का आसान तरीका:
• सुबह शांत और हवादार जगह पर आराम से बैठें।
• अपनी सांस को सामान्य रखें और बिना जोर लगाए सांस अंदर लें।
• सांस छोड़ते हुए सहज आवाज में ॐ का उच्चारण करें।
• ध्वनि और सांस पर ध्यान केंद्रित करें।
• यदि चक्कर, सांस लेने में परेशानी या असहजता महसूस हो, तो अभ्यास रोक दें।

ॐ का जाप है अच्छी दिनचर्या का एक छोटा हिस्सा

मानसिक शांति के लिए हमेशा लंबे समय तक ध्यान करना जरूरी नहीं होता। कुछ मिनट का नियमित अभ्यास भी दिन की शुरुआत को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। ॐ का जाप आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ ध्यान और रिलैक्सेशन का माध्यम बन सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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