अर्नब चक्रवात का खतरा हुआ कम, लेकिन तबाही जारी! अब तक 5 की मौत, बिहार-झारखंड में आज और कल दिखेगा असर

Cyclone Arnab Update: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आंध्र प्रदेश में अब तक पांच लोगों की मौत की खबर है। वहीं, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में 29 और 30 अक्टूबर को भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
कमजोर पड़ा चक्रवात, फिर भी मौसम से राहत नहीं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय क्षेत्र में पहुंचने के बाद कमजोर हुआ है। 28 अक्टूबर की रात तक यह गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को इसके और कमजोर होने का अनुमान जताया है।हालांकि, तूफान की तीव्रता कम होने के बावजूद इससे जुड़ी मौसम प्रणाली के कारण कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अभी पूरी तरह लापरवाह नहीं होना चाहिए।
आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, पांच लोगों की मौत
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिला है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, मकानों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
बिहार और झारखंड में आज-कल कैसा रहेगा मौसम?
चक्रवात का असर तटीय क्षेत्र से आगे बढ़कर पूर्वी और मध्य भारत के मौसम को भी प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- बिहार: 29 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
- झारखंड: बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम का असर 29 अक्टूबर के साथ 30 अक्टूबर तक भी बना रह सकता है।
- छत्तीसगढ़: कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं की आशंका है।
- ओडिशा: चक्रवात के प्रभाव वाले इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बारिश की तीव्रता जिले और स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लोगों को अपने क्षेत्र के लिए जारी मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए।
लोगों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत
चक्रवात कमजोर होने के बाद भी बारिश और तेज हवाओं से खतरा बना रह सकता है। खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचें। जलभराव वाले रास्तों पर जाने से पहले स्थिति की जानकारी लें और बिजली के टूटे तारों से दूर रहें।












