झारखंड शिक्षक भर्ती में 17,786 पदों में से भरे गए सिर्फ 12,046 पद, 2,034 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट में सुनवाई 16 दिसंबर को
झारखंड शिक्षक भर्ती 2016 में 17,786 पदों में से केवल 12,046 पद भरे गए। 2,034 अतिरिक्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

रांची। झारखंड में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 के तहत हुई नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। कुल 17,786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, लेकिन इनमें से महज 12,046 पद ही भरे जा सके। यानी बड़ी संख्या में पद खाली रह गए। अब इन रिक्त पदों के बीच योग्य और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अतिरिक्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है।
17,786 पदों में सिर्फ 12,046 पर हुई नियुक्ति
पूर्व में प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया था कि शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 में कुल 17,786 पदों के विरुद्ध केवल 12,046 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है। इस तरह निर्धारित पदों की तुलना में काफी कम नियुक्तियां की गईं। इसी आधार पर अतिरिक्त योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई गई थी।
एकल पीठ ने 2,034 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का दिया था निर्देश
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थियों की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन पर विचार करते हुए निर्धारित योग्यता और अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को भी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इस आदेश से लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को उम्मीद जगी थी।
सरकार और JSSC ने आदेश को दी चुनौती
एकल पीठ के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। आयोग की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नियुक्ति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में पूरी की गई है। एकल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत अपना निर्देश पारित किया है।
16 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
बुधवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोकन और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ में सरकार और JSSC की अपील पर आंशिक सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। साथ ही इससे संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई पर अगले आदेश तक रोक बरकरार रखी है।अब 16 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं। इस मामले में अदालत का अगला रुख 2,034 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।











