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धोनी को हेमंत सरकार का नोटिस: IPL के पहले महेंद्र सिंह धोनी की मुश्किलें बढ़ी, आवास बोर्ड ने नोटिस भेजकर जवाब किया किया जवाब तलब

Hemant government issues notice to Dhoni: Mahendra Singh Dhoni's troubles increase ahead of IPL, Housing Board sends notice demanding reply

IPL के पहले क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की मुश्किलें बढ़ गयी है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने रांची के हरमू स्थित पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आवास ‘शौर्य’ में आवासीय भूखंड के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर जांच शुरू की है। बोर्ड ने औपचारिक नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब मांगा है।

Mahendra Singh Dhoni /28.2.26: IPL के पहले झारखंड सरकार ने महेंद्र सिंह धोनी को नोटिस थमा दिया है। अब माही को इस मामले में जवाब देना होगा। दरअसल ये पूरा विवाद महेंद्र सिंह धोनी के हरमू स्थित आवास ‘शौर्य’ को लेकर है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने धोनी को औपचारिक नोटिस जारी कर उनके आवासीय भूखंड के कथित व्यावसायिक उपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा है।

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बोर्ड का आरोप है कि जिस भूखंड को केवल आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया था, वहां नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आवास बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के अनुसार भूखंड संख्या एच (10) ए, हरमू हाउसिंग कॉलोनी में स्थित है, जिसे वर्ष 2006 में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल के दौरान धोनी को आवंटित किया गया था।

उस समय राज्य में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में सरकार थी। आवंटन की शर्तों में स्पष्ट उल्लेख था कि भूखंड का उपयोग केवल आवासीय उद्देश्य के लिए किया जाएगा।हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि उक्त परिसर में ‘न्यूबर्ग सुप्राटेक’ नामक पैथोलॉजी लैब का संचालन हो रहा है। इस सूचना के बाद बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की।

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बोर्ड का कहना है कि यदि आवंटन की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो यह नियमों के विपरीत होगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि धोनी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का यह अंतिम अवसर दिया जा रहा है। बोर्ड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित जवाब मांगा है। यदि तय अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो संबंधित भूखंड के आवंटन को रद्द करने की अनुशंसा की जा सकती है। साथ ही, अन्य वैधानिक कार्रवाई भी संभव है।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि धोनी झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। रांची के हरमू इलाके में स्थित उनका आवास ‘शौर्य’ लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। ऐसे में आवासीय भूखंड के उपयोग को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

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हालांकि, अब तक धोनी या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस नोटिस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भूखंड का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो इसके लिए संबंधित प्राधिकरण से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति ऐसा करना आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है।फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि धोनी की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और आवास बोर्ड आगे क्या कदम उठाता है।

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