बोकारो: CISF जवानों को अब नहीं मिलेगा कठिनाई भत्ता, BCCL, BSL सहित इन ईकाईयों में पदस्थ जवानों पर पड़ेगा असर, जानिये कितनी होगी कटौती…
Bokaro: CISF personnel will no longer receive Hardship Allowance; the move will impact personnel posted at units including BCCL and BSL. Find out the extent of the deduction...

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से जुड़ी खबर है। अब सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों को मिलने वाला कठिनाई भत्ता बंद हो गया है। इस फैसले से हजारों कर्मियों की आय प्रभावित होगी, वहीं सार्वजनिक उपक्रमों को बड़ी आर्थिक बचत होगी।
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बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कार्यरत राजपत्रित और गैर-राजपत्रित अधिकारियों तथा जवानों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। अब उन्हें प्रतिमाह मिलने वाला कठिनाई भत्ता बंद कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे अप्रैल 2026 से संबंधित कर्मियों को इस भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। इस फैसले का असर देशभर की कुल 55 इकाइयों में कार्यरत हजारों जवानों और अधिकारियों पर पड़ेगा। इनमें प्रमुख रूप से बोकारो स्थित बीएसएल, धनबाद का बीसीसीएल और करगली का सीसीएल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 31 मार्च 2026 तक लागू “नक्सल मुक्त योजना” के तहत लिया गया है।
पहले यह भत्ता उन इकाइयों के लिए दिया जाता था, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित थीं। इसके तहत कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये और सहायक कमांडेंट से लेकर डीआईजी स्तर तक के अधिकारियों को लगभग 17 हजार रुपये तक अतिरिक्त भत्ता दिया जाता था।
यह सुविधा वर्ष 2017 से लगातार दी जा रही थी। हालांकि अब समीक्षा के बाद यह पाया गया कि कई ऐसी इकाइयों में भी यह भत्ता दिया जा रहा था, जहां वास्तविक रूप से नक्सल गतिविधियों का कोई प्रभाव नहीं है। ऐसे में इसे आर्थिक अनियमितता मानते हुए भत्ते पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
फैसले से न केवल CISF कर्मियों की आय पर असर पड़ेगा, बल्कि संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को बड़ी राहत मिलेगी। अनुमान है कि इस भत्ते को बंद करने से विभिन्न कंपनियों को प्रतिमाह लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। CISF की जिन 55 इकाइयों में यह आदेश लागू किया गया है, उनमें से अधिकांश पूर्वी क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं, जिनका संचालन रांची सेक्टर के अधीन होता है।
इनमें बीएसएल और बीपीएससीएल बोकारो में लगभग 2000 कर्मी, बीसीसीएल धनबाद में करीब 4000 कर्मी, और अन्य इकाइयों—जैसे सीसीएल करगली, टीटीपीएस ललपनिया, बीटीपीएस बोकारो थर्मल, सीटीपीएस चंद्रपुरा, डीवीसी पंचेत व मैथन, पतरातु, पिपरवार, टंडवा, हजारीबाग, रांची, गया, बरौनी, पटना और पुरुलिया—में कुल मिलाकर लगभग 15 हजार कर्मी कार्यरत हैं।









