पारा शिक्षकों की खबर: राज्य सरकार पूरा करने वाली दो बड़ी मांगें, 60 साल तक नौकरी, अनुकंपा निुयुक्ति जैसे मांगों पर लग सकती है मुहर…
News of Para Teachers: State government to fulfill two major demands, demands like job till 60 years, compassionate appointment may be approved...

पारा शिक्षकों को बड़ी राहत देने के संकेत मिले हैं। सेवा के दौरान निधन पर आश्रित को नौकरी और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सकारात्मक पहल की बात कही गई है।
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रांची/30.4.26। पारा शिक्षकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर सरकार का रुख अब सकारात्मक नजर आ रहा है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड राज्य आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में पारा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, भविष्य और मानवीय पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के दौरान मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि यदि किसी सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) का सेवा काल के दौरान निधन होता है, तो उनके आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
यह निर्णय पारा शिक्षकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था।मंत्री सुदिव्य कुमार के धुर्वा स्थित आवास पर करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि राज्य के लगभग 45 हजार पारा शिक्षक निश्चिंत होकर अपना कार्य करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक की नौकरी 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु से पहले नहीं जाएगी, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करने का प्रयास किया गया है।बैठक मंा यह भी बताया गया कि पारा शिक्षकों से संबंधित मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में लंबित है। इस पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, उसके पांच दिनों के भीतर संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सरकार के इस सकारात्मक रुख का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही ठोस निर्णय सामने आएंगे। उनका कहना था कि सरकार ने पहली बार इतनी गंभीरता से उनकी समस्याओं को सुना है और समाधान की दिशा में पहल की है।इसी बैठक में राज्य के शिक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य में विद्यालयों के मानक तय करने के लिए राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण के गठन की बात कही गई। इसके तहत झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को इस प्राधिकरण की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों के संचालन में एकरूपता लाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।








