झारखंड: बलात्कारी को कोर्ट ने सुनायी 20 साल जेल की सजा, जुर्माना भा लगाया, दो लड़कियों को बनाया था हवस का शिकार
Jharkhand: Court sentences rapist to 20 years in prison, also imposes fine; two girls were sexually assaulted

2017 के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष पोक्सो कोर्ट ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला नौ साल लंबे ट्रायल के बाद आया है।
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Jharkhand Crime News /30.4.26: ब्लात्कारी को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनायी है। 20 साल की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया गया है। मामला झरखंड के गुमला जिले का है। दरअसल झारखंड के गुमला जिले में वर्ष 2017 के एक बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष पोक्सो न्यायालय (एडीजे-1) ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश प्रेम शंकर की अदालत ने घटना के समय नाबालिग रहे एक आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।यह मामला पिछले नौ वर्षों से न्यायालय में लंबित था। वर्ष 2017 में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। मामले में कुल सात आरोपी शामिल थे, जिनमें से छह बालिग आरोपियों को पहले ही दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई जा चुकी है।
सातवां आरोपी, जो घटना के समय नाबालिग था, उसे प्रारंभ में बाल सुधार गृह भेजा गया था। हालांकि, बाद में जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और लंबे समय तक न्यायालय की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ।अदालत ने आरोपी के वयस्क होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और केस डायरी के आधार पर सुनवाई पूरी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत पेश किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। लोक अभियोजक अजय रजक ने सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता को रेखांकित किया।
घटना के संबंध में बताया गया कि वर्ष 2017 में दो नाबालिग सहेलियां गांव में लगे मेले से लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िताओं को डराने-धमकाने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी थी, ताकि वे घटना की जानकारी किसी को न दें।
पीड़ित बच्चियों ने साहस दिखाते हुए घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी ने दुष्कर्म के साथ-साथ चोरी की घटना (धारा 379) को भी अंजाम दिया था।








