झारखंड में आठ लाख राशन कार्ड होंगे निरस्त, विभाग ने शुरू की प्रक्रिया, जानिये किन-किन राशन कार्डधारी पर है खतरा
झारखंड में 8 लाख राशन कार्डधारियों पर कार्रवाई की तैयारी। सरकार जल्द शुरू करेगी जांच प्रक्रिया, जानिए किन लोगों का कटेगा नाम।

रांची। झारखंड में फिर से राशन कार्ड पर कैंची चलने वाली है। करीब 8 लाख अपात्र राशनकार्ड धारी के खिलाफ एक्शन की तैयारी है। विभाग का दावा है कि झारखंड में लगभग आठ लाख की संख्या में राशन कार्डधारी ऐसे हैं जो नियमों के अनुसार पात्रता नहीं रखते हैं। ऐसे अपात्र लाभुकों को हटाने का कार्यक्रम एक बार फिर शुरू होने जा रहा है।
फिर शुरू होगी राशन कार्ड की जांच
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जल्द ही राशन कार्ड की जांच की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस प्रक्रिया के तहत राशनकार्ड की फिर से जांच की जायेगी और फिर दस्तावेजी मिलान के बाद उसके पात्र व अपात्र करने के संदर्भ में निर्णय लिया जायेगा। आपको बता दें कि पिछले काफी वक्त से राशन कार्ड के जांच को लेकर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही थी। लेकिन, लगभग तीन महीनों से रुकी हुई प्रक्रिया अब एक बार फिर शुरू होने जा रही है।इस प्रक्रिया से कर्ई राशनकार्डधारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है।
ज्यादा आमदनी वाले का भी कटेगा नाम
आपको बता दें कि छह लाख से अधिक आमदनीवाले लोगों का नाम भी काटना है। विभाग का इसके पीछे का तर्क यह है कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी है। पिछले दो महीने से आधार का पोर्टल बंद था। आधार पोर्टल से आंकड़ों को इंटीग्रेट किया जा रहा है जिसके माध्यम से फजीं राशनकार्ड धारियों का नाम उजागर होगा।जाहिर गलत आमदनी दिखाकर अब तक राशन उठा रहे लोगों की भी मुश्किलें बढ़ेगी।
किन लोगों का कटेगा नाम
मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने जिन लाभुकों का नाम सूची से हटाने का निर्देश दिया है उनमें सर्वप्रथम ऐसे लोग हैं जिनका डुप्लीकेट आधार बना हुआ है। इसके अलावा उन लोगों का नाम भी हटाना है जिनकी मृत्यु हो चुकी है और जिनके नाम से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुका है। जो लोग दो-दो जगहों पर अपना नाम दर्ज कराकर राशन ले रहे हैं, उनका नाम भी हटाया जायेगा। केवाईसी के तहत भी कई नाम कटने थे, लेकिन अब तक नहीं कट पाये हैं, उनका नाम भी हटाया जायेगा।
आठ लाख राशन कार्ड पर खतरा
मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने जिन तथ्यों के आधार पर अपात्र लाभुकों का नाम काटने की बात कही थी। उन्हीं तथ्यों को आधार बनाते हुए कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश में लगभग आठ लाख अपात्र लाभुकों को हटाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि पिछले कुछ महीने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पायी थी, हालांकि अब ये प्रक्रिया फिर शुरू होने वाली है।









