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Jharkhand TET 2026: 9 साल से नहीं हुई JTET परीक्षा, हाईकोर्ट सख्त; शिक्षा सचिव को अवमानना का नोटिस

झारखंड हाईकोर्ट ने 9 साल से JTET परीक्षा आयोजित नहीं होने पर शिक्षा विभाग के सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। जानिए कोर्ट ने क्या कहा और शिक्षक भर्ती पर इसका क्या असर पड़ेगा।

रांची। झारखंड में लंबे समय से लंबित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने पाया कि सरकार ने कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तय समय सीमा में परीक्षा आयोजित नहीं कराई।

इस पर अदालत ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।कोर्ट की इस सख्ती से अब झारखंड में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया और JTET परीक्षा को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

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क्या है पूरा मामला?

झारखंड में करीब नौ वर्षों से JTET परीक्षा आयोजित नहीं हुई है। इसे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले राज्य सरकार को 31 मार्च 2026 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था।सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के सचिव स्वयं अदालत में उपस्थित हुए थे और उन्होंने निर्धारित समय सीमा में परीक्षा कराने का आश्वासन भी दिया था। इसी भरोसे पर कोर्ट ने सरकार को समय दिया था।

आदेश के बावजूद नहीं हुई परीक्षा

जब मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने पाया कि सरकार ने न तो तय समय सीमा में JTET आयोजित की और न ही अपने आश्वासन का पालन किया।इस पर कोर्ट ने शिक्षा सचिव से पूछा कि जब उन्होंने स्वयं अदालत को भरोसा दिया था, तब निर्धारित समय में परीक्षा क्यों नहीं कराई गई?अदालत ने यह भी पूछा कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

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हाईकोर्ट ने पहले भी लगाई थी नियुक्तियों पर रोक

इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जब तक JTET परीक्षा आयोजित नहीं हो जाती, तब तक सहायक आचार्य के शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जाए, क्योंकि पात्रता परीक्षा के बिना भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।

लाखों अभ्यर्थियों पर असर

JTET परीक्षा नहीं होने से राज्य के लाखों अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभाव में नई नियुक्तियां भी प्रभावित हो रही हैं।हाईकोर्ट की ताजा टिप्पणी के बाद उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द परीक्षा कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

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अगली सुनवाई पर रहेगी नजर

अब शिक्षा विभाग के सचिव को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना होगा। यदि अदालत उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई तो अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। ऐसे में JTET परीक्षा और शिक्षक भर्ती से जुड़े इस मामले पर अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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