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Teacher Transfer 2026: शिक्षकों के तबादले के नए नियम लागू, ऑनलाइन आवेदन से लेकर सरप्लस पोस्टिंग तक सब कुछ बदला

बिहार सरकार ने Teacher Transfer Rules 2026 लागू कर दिए हैं। अब शिक्षकों का तबादला e-शिक्षाकोष पोर्टल से ऑनलाइन होगा। जानें नई गाइडलाइन, पात्रता, सरप्लस शिक्षक नियम, कट-ऑफ डेट और पूरी प्रक्रिया।

Teacher Transfer । सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के तबादले से जुड़ी एक बड़ी अपडेट है। सरकार ने फैसला लिया है कि प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होगी। शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 को लागू करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब ट्रांसफर से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी।

विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पोर्टल के अलावा किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन या शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा।नई गाइडलाइन के साथ तबादले की पात्रता, अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों की पहचान, प्राथमिकता तय करने के तरीके और वरिष्ठ शिक्षकों को मिलने वाली राहत जैसे कई अहम बदलाव किए गए हैं।

पहली बार आवेदन करने वालों को बड़ी राहत

नई व्यवस्था में पहली बार तबादले के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है। सामान्य परिस्थितियों में पांच वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी करने की शर्त रखी गई है, लेकिन शुरुआती चरण में इस शर्त में छूट देने का फैसला किया गया है।हालांकि, प्रोबेशन अवधि में कार्यरत शिक्षक और प्रधानाध्यापक इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।

31 मार्च 2026 होगी आधार तिथि

शिक्षकों की सेवा अवधि, अनुभव और पात्रता तय करने के लिए 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ डेट माना जाएगा। वहीं, पिछले दो वर्षों के दौरान सामान्य या पारस्परिक (Mutual) तबादला प्राप्त कर चुके शिक्षक भी इस बार आवेदन कर सकेंगे।

सरप्लस शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था

शिक्षा विभाग स्कूलों में आवश्यकता से अधिक पदस्थ शिक्षकों की पहचान कर उन्हें अधिशेष (Surplus) घोषित करेगा। ऐसे शिक्षकों की सूची ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।यदि किसी शिक्षक ने एक ही विद्यालय में पांच वर्ष या उससे अधिक समय तक सेवा दी है और वह अधिशेष श्रेणी में आता है, तो उसे कम से कम 30 रिक्त विद्यालयों का विकल्प भरना होगा।अंतर-जिला या अंतर-प्रमंडल तबादला चाहने वाले शिक्षकों को कम से कम पांच जिलों या पांच प्रमंडलों का विकल्प देना अनिवार्य होगा।

तीन चरणों में पूरी होगी ट्रांसफर प्रक्रिया

शिक्षकों का स्थानांतरण एक निर्धारित क्रम में किया जाएगा।
• पहले चरण में विद्यालयों का युक्तिकरण (Rationalization) होगा।
• दूसरे चरण में पारस्परिक (Mutual) ट्रांसफर के मामलों का निपटारा किया जाएगा।
• तीसरे और अंतिम चरण में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर सामान्य स्थानांतरण किया जाएगा।
यदि किसी एक स्कूल के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं, तो पॉइंट बेस्ड सिस्टम के आधार पर अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक को प्राथमिकता मिलेगी।

58 वर्ष से अधिक आयु वाले शिक्षकों को राहत

नई गाइडलाइन में वरिष्ठ शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। जिन शिक्षकों की आयु 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष या उससे अधिक हो जाएगी, उन्हें उनकी इच्छा के बिना दूसरे विद्यालय में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।इसके अलावा गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों के मामलों में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

पुराने आदेश निरस्त

शिक्षा विभाग ने नई SOP लागू होने के साथ ही शिक्षक स्थानांतरण से संबंधित पहले जारी सभी दिशा-निर्देशों और लंबित आवेदनों को निरस्त कर दिया है। अब आगे की पूरी प्रक्रिया नई नियमावली के अनुसार ही संचालित होगी।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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