बिग ब्रेकिंग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, देश में चले रहे विरोध प्रदर्शन के बीच दिया त्यागपत्र, पढ़िये क्या लिखा…
Big Breaking: Education Minister Dharmendra Pradhan has resigned; he stepped down amidst ongoing protests across the country—read what he wrote...

नई दिल्ली। इस वक्त देश से सबसे बड़ी खबर आ रही है। देश के शिक्षा मंत्री ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
अपने विस्तृत संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है।
NEET विवाद पर कही यह बात
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। साथ ही, वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराना थी, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और छात्रों का सहयोग मिला।
‘जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटा’
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या अनियमितताओं के कारण प्रभावित न हो।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई 2026 को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की गई, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा।
‘देशहित और छात्रों के भविष्य को देखते हुए लिया फैसला’
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बने हालात को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वे नहीं चाहते कि राष्ट्र विरोधी ताकतें इस स्थिति का फायदा उठाएं या छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में उलझे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्र सेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों, सहयोगियों और देशवासियों का भी धन्यवाद दिया।
उन्होंने अंत में कहा कि भविष्य में भी वे देश, ओडिशा और युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।









