Diabetes Foot Care: डायबिटीज में पैरों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, ये 7 संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
डायबिटीज में पैरों की देखभाल क्यों जरूरी है? जानिए डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण, पैरों में होने वाली समस्याएं, चेतावनी संकेत और Foot Care के आसान उपाय।

Diabetes Foot Care Tips: डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है। सबसे ज्यादा असर पैरों पर पड़ता है। अगर समय रहते पैरों की सही देखभाल न की जाए, तो छोटी-सी चोट भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। ऐसे में हर डायबिटीज मरीज को पैरों की नियमित जांच और देखभाल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
डायबिटीज में पैरों पर क्यों पड़ता है असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से पैरों की नसें और रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) कहा जाता है। इसमें पैरों की संवेदनशीलता कम हो जाती है, जिससे चोट या घाव का समय पर पता नहीं चलता।
इसके अलावा पैरों तक पर्याप्त रक्त प्रवाह न पहुंचने से घाव देर से भरते हैं और संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
डायबिटीज में पैरों से जुड़ी ये समस्याएं हो सकती हैं
- पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट
- जलन या लगातार दर्द
- कट, छाले या घाव का देर से भरना
- पैरों में संक्रमण
- त्वचा का सूखना और एड़ियों का फटना
- पैरों का आकार बदलना
- गंभीर स्थिति में अल्सर बनने का खतरा
- इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर आपको डायबिटीज है और पैरों में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- घाव का लंबे समय तक ठीक न होना
- त्वचा का लाल या सूजा हुआ दिखाई देना
- घाव से पस निकलना
- पैर का असामान्य रूप से गर्म महसूस होना
- पैरों में लगातार सुन्नपन या जलन
- त्वचा का रंग बदलना
- नाखून के आसपास संक्रमण या बार-बार छाले होना
- पैरों में अचानक सूजन आना
- डायबिटीज में पैरों की देखभाल कैसे करें?
पैरों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ आसान आदतें अपनाएं।
हर दिन गुनगुने पानी से पैर धोकर अच्छी तरह सुखाएं।
त्वचा को मुलायम रखने के लिए मॉइस्चराइजर लगाएं, लेकिन उंगलियों के बीच क्रीम न लगाएं।
हमेशा आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
साफ और सूती मोजे पहनें।
नंगे पैर चलने से बचें।
पैरों में कट, छाले या सूजन दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें और समय-समय पर पैरों की जांच कराएं।
क्यों जरूरी है Foot Care?
डायबिटीज में नियमित Foot Care अपनाने से संक्रमण, अल्सर और गंभीर जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजाना सिर्फ कुछ मिनट पैरों की जांच करना भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं से बचा सकता है।








