Jharkhand News: CM आवास का घेराव करेंगे पंचायत सहायक, मानदेय बढ़ाने समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर रांची में शक्ति प्रदर्शन आज
झारखंड में पंचायत सहायक बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। मानदेय बढ़ाने, सेवा सुरक्षा, पंचायत सचिव पद में 70% आरक्षण समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन होगा।

रांची। झारखंड के पंचायत सहायक अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज राजधानी रांची में बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन के तहत हजारों पंचायत सहायक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। संघ का दावा है कि राज्य के सभी जिलों से पंचायत सहायक रांची पहुंचेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
मोरहाबादी मैदान से निकलेगी रैली
आंदोलन की रूपरेखा के अनुसार, पंचायत सहायक बुधवार सुबह सबसे पहले मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होंगे। यहां सभा के बाद सभी रैली के रूप में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। आंदोलन को लेकर संगठन ने व्यापक तैयारी की है और बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों की भागीदारी का दावा किया है।
वर्षों से लंबित हैं पंचायत सहायकों की मांगें
राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकार और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सहायकों के साथ लगातार उपेक्षा हो रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज करते हुए पंचायत सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
ये हैं पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगें
पंचायत सहायकों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
• मुख्यमंत्री के साथ सीधी वार्ता
• 2500 रुपये के वर्तमान मानदेय में बढ़ोतरी
• हर वर्ष ग्रामसभा से अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त करना
• पंचायत सचिव के पदों में 70 प्रतिशत आरक्षण
• सेवा सुरक्षा और पदोन्नति की व्यवस्था
• मृत पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
• स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा सुविधा
• पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन
सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
संघ का कहना है कि पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव और उसके बाद सरकार के रुख पर टिकी हुई है।









