TET पेपर लीक : 8 हजार में जूते के सोल में छिपाकर निकाला TET पेपर, बाहर आते ही 1 लाख में बिकने लगा! चार्जशीट में बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की 3500 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा। ₹8 हजार में जूते के सोल में छिपाकर पेपर निकाला गया और अभ्यर्थियों तक पहुंचते-पहुंचते कीमत ₹1 लाख तक पहुंची।

TET Paper Leak: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस की चार्जशीट से ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे खेल की परतें खोल दी हैं। जिस पेपर को आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकालने के लिए कथित तौर पर सिर्फ 8 हजार रुपये दिए गए, वही पेपर आगे अभ्यर्थियों तक पहुंचते-पहुंचते करीब 1 लाख रुपये में बिकने लगा। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले दिनों TET का पेपर लीक हुआ था।
महाराष्ट्र पुलिस की जांच के मुताबिक पेपर को प्रिंटिंग प्रेस से निकालने के लिए जूतों के सोल के अंदर छिपाया गया था।ठाणे सिटी पुलिस ने भिवंडी की अदालत में करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 18 आरोपियों के नाम हैं। पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए गए हैं। चार्जशीट में बिहार के रहने वाले बिजेंद्र गुप्ता को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। हालांकि, मामले में आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
8 हजार में शुरू हुआ खेल, पेपर की कीमत पहुंची 1 लाख
जांच में सामने आए कथित नेटवर्क में पेपर की कीमत कई गुना बढ़ने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को प्रश्नपत्र बाहर निकालने के बदले करीब ₹8 हजार दिए गए थे। इसके बाद यही पेपर कथित तौर पर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया और उनसे ₹80 हजार से ₹1 लाख तक वसूले जाने की बात चार्जशीट से जुड़ी जांच में सामने आई है।यानी पेपर लीक करने वाले शुरुआती स्तर पर जिस रकम पर तैयार हुए, उससे कई गुना ज्यादा रकम आगे के नेटवर्क में बनाई जा रही थी।
जूते के सोल में छिपाकर निकाला गया पेपर
चार्जशीट के मुताबिक महाराष्ट्र TET का प्रश्नपत्र आगरा स्थित महिम पत्रन प्राइवेट लिमिटेड नाम की प्रिंटिंग प्रेस में तैयार हो रहा था। पुलिस की जांच के अनुसार 15 से 17 जून के बीच प्रेस के दो कर्मचारियों और एक पूर्व कर्मचारी ने प्रश्नपत्र के पन्नों को कथित तौर पर मोड़कर जूतों के इनसोल के नीचे छिपाया।
सुरक्षा जांच के दौरान कर्मचारियों के कपड़ों की तलाशी ली जाती थी, लेकिन जूतों की ठीक से जांच नहीं हुई। इसी खामी का कथित तौर पर फायदा उठाकर प्रश्नपत्र प्रेस से बाहर निकाल लिया गया।पुलिस के मुताबिक इन कर्मचारियों को ₹8 हजार दिए गए थे और आगरा में प्लॉट देने का वादा भी किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि TET के दो पेपर के कुल चार सेट तैयार किए गए थे और कथित तौर पर सभी चार सेट प्रेस से बाहर निकाल लिए गए।
अभ्यर्थियों से लिए जाते थे मूल दस्तावेज?
जांच का एक और अहम पहलू यह है कि कथित तौर पर पेपर खरीदने वाले अभ्यर्थियों से पैसे के साथ उनके मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी सुरक्षा के तौर पर जमा कराने की बात सामने आई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीदवारों से पेपर देने से पहले उनके मूल दस्तावेज लिए जाने की बात जांच में सामने आई है। कथित तौर पर उम्मीदवार पेपर की असलियत की पुष्टि के बाद रकम देते थे और दस्तावेज वापस किए जाते थे।
इससे संकेत मिलता है कि पेपर लीक का नेटवर्क केवल प्रश्नपत्र हासिल करने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसे आगे बेचने के लिए अलग व्यवस्था भी कथित तौर पर तैयार की गई थी।
बिहार तक पहुंचा था पेपर, रिश्तेदार के घर से मिला मूल प्रश्नपत्र
पुलिस के मुताबिक लीक हुए प्रश्नपत्र की कड़ी आगरा से निकलकर बिहार तक पहुंची। चार्जशीट में पुलिस ने बिहार में बिजेंद्र गुप्ता के एक रिश्तेदार के घर से मूल प्रश्नपत्र बरामद होने को महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य बताया है।जांच में आरोपियों के बीच हुए कथित वित्तीय लेन-देन और तकनीकी रिकॉर्ड को भी पेपर के नेटवर्क से जोड़कर देखा गया है। पुलिस का कहना है कि इन सबूतों से कथित सप्लाई चेन को समझने में मदद मिली है।
28 जून को होना था TET, एक दिन पहले परीक्षा टली
महाराष्ट्र TET की परीक्षा 28 जून 2026 को प्रस्तावित थी। परीक्षा से ठीक पहले 27 जून को ठाणे के भिवंडी इलाके में पुलिस को पेपर लीक होने की सूचना मिली। छापेमारी में चार सेट प्रश्नपत्र बरामद किए गए और महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों से उनकी जांच कराई गई। पेपर वास्तविक परीक्षा से मेल खाने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई।इसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया और जांच का दायरा महाराष्ट्र के बाहर भी बढ़ा।
चार्जशीट में 18 आरोपी, दो अभी फरार
ठाणे पुलिस की करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट में कुल 18 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से 16 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अशोक साव और प्रकाश मिसाल फरार बताए गए हैं। पुलिस ने आगे की जांच जारी रहने और जरूरत पड़ने पर पूरक चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है।पूरे मामले की जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर प्रेस से निकलने के बाद किन-किन लोगों तक पहुंचा और कथित तौर पर इससे कितने अभ्यर्थियों ने संपर्क किया था।











