झारखंड चार पुलिसकर्मी सस्पेंड: लापरवाही मामले में बड़ा एक्शन, दो दारोगा सहित चार पुलिसकर्मी हुए निलंबित, जानिये क्या है पूरा मामला, जिस पर SP की गिरी गाज
Four police personnel suspended in Jharkhand: Major action taken over negligence; four officers—including two Sub-Inspectors—have been suspended. Here are the details of the case that drew the SP's wrath.

चतरा। झारखंड के चतरा जिले में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन हुआ है। दो दारोगा सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में हुई मॉब लिंचिंग की घटना में पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनिमेष नैथानी ने ये बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। भीड़ द्वारा पीट-पीटकर युवक मो. इमरोज की हत्या के मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो दारोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मिली जानकारी के मुताबिक निलंबित पुलिसकर्मियों में टंडवा थाना के एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति, आरक्षी दशरथ महतो और आरक्षी प्रदीप कुमार शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान चारों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, चतरा निर्धारित किया गया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
भीड़ से नहीं बचा सके पिता-पुत्र
घटना को लेकर एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया है कि, बड़गांव में नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और दुष्कर्म के आरोप को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए थे। इस दौरान भीड़ ने मो. इमरोज और उनके पिता सुल्तान मियां के साथ बेरहमी से मारपीट की।जांच में सामने आया कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उग्र भीड़ से दोनों को बचाने के लिए प्रभावी और पर्याप्त प्रयास नहीं किए। गंभीर रूप से घायल मो. इमरोज की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।
वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
घटना के वायरल वीडियो और टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बड़वार की जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने यह सख्त कदम उठाया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
11 आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
इस मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, पुलिस विभाग के भीतर भी जवाबदेही तय करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।








