झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: सेवानिवृत्ति उम्र घटी , 8.50 लाख छात्राओं को हर माह सैनिटरी पैड

रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और जेल प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र फिर से 65 वर्ष करने के साथ सरकारी स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने और 100 नए स्कूलों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बदलने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र 67 से घटकर 65 वर्ष
राज्य में अब चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति 65 वर्ष की उम्र में होगी। पूर्व में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 वर्ष थी, जिसे कोविड काल में चिकित्सकों की आवश्यकता को देखते हुए दो वर्ष के लिए बढ़ाकर 67 वर्ष किया गया था। अब यह व्यवस्था समाप्त कर सेवानिवृत्ति की उम्र फिर 65 वर्ष कर दी गई है।
100 और स्कूल बनेंगे सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
कैबिनेट ने राज्य के 100 और विद्यालयों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
606 थानों में लगेंगे 9,006 CCTV कैमरे
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए झारखंड के सभी 606 थानों में 9,006 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 90 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। CCTV की निगरानी से थानों की गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाने और महत्वपूर्ण घटनाओं की रिकॉर्डिंग में मदद मिलेगी।
तीन केंद्रीय काराओं में बनेंगे ओपन और सेमी-ओपन कॉटेज
राज्य की तीन केंद्रीय काराओं में ओपन और सेमी-ओपन कॉटेज का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य जेलों में सुधारात्मक व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।
छठी से 12वीं तक की 8.50 लाख छात्राओं को हर माह मिलेंगे 10 सैनिटरी पैड
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छठी से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के करीब 13 हजार स्कूलों की 8.50 लाख छात्राओं को हर महीने 10 बायो सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना के लिए सरकार ने 124 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। शिक्षा विभाग के अनुसार सैनिटरी पैड हर तीन महीने में संकुल स्तर तक पहुंचाए जाएंगे। स्कूल के शिक्षक संकुल से पैड प्राप्त कर छात्राओं के बीच वितरण करेंगे। इसके लिए स्कूलों को परिवहन शुल्क भी दिया जाएगा।
वर्तमान में राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को वर्ष 2023 से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संभावना है कि नई व्यवस्था के तहत नवंबर से अन्य छात्राओं को भी सैनिटरी पैड मिलना शुरू हो जाएगा।
पांच नए प्रखंडों में बनेंगे बालिका आवासीय विद्यालय
राज्य के नवसृजित पांच प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 49.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकारी स्कूलों में अब मिलेगी स्टूडेंट डायरी
निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी और गैर सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी छात्रों को स्टूडेंट डायरी दी जाएगी। ज्ञानोदय योजना के तहत छठी से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को यह डायरी उपलब्ध कराई जाएगी।
डायरी में पूरे साल के अवकाश सहित स्कूल और विद्यार्थियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जा सकेंगी। इसके माध्यम से अभिभावकों और स्कूल के बीच सीधा संवाद भी आसान होगा।
वहीं, पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए हिंदी-अंग्रेजी में पैरेंटल कैलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए अभिभावक बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियों और उनके घर-परिवार के परिवेश से जुड़ी जानकारी साझा कर सकेंगे।










