ब्रेकिंग- JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच व झामुमो के बीच मारपीट, पुतला दहन के दौरान हुआ बवाल, JMM कार्यकर्ताओं पर छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर मारने का आरोप
Breaking: Clash between the JPSC-JSSC Reform Forum and the JMM; chaos erupted during an effigy-burning protest, with JMM workers accused of chasing down and beating students.

रांची। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को झड़प और हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। रिफॉर्म मंच ने आरोप लगाया कि जेएमएम कार्यकर्ताओं ने पुतला छीनने की कोशिश की और प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के साथ अभद्रता की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भर्ती प्रक्रिया में सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर पुतला दहन करने पहुंचे थे। इसी दौरान जेएमएम कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
पुतला दहन को लेकर आमने-सामने आए छात्र और JMM कार्यकर्ता
शुक्रवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में बड़ी संख्या में छात्र और JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े लोग जुटे थे। मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला तैयार कर उसके दहन की तैयारी की जा रही थी।
इसी दौरान जेएमएम नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई।
छात्रों का कहना है कि जब वे पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया। मंच से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि पुतला छीनने के दौरान छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।
JMM जिलाध्यक्ष बोले- कोर्ट के आदेश का पालन करें
मामले को लेकर जेएमएम जिलाध्यक्ष ने कहा कि अदालत का आदेश है और यदि किसी को फैसले का विरोध करना है तो उसे न्यायालय में जाकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर पुतला दहन कर मुख्यमंत्री का अपमान करना उचित नहीं है।जेएमएम की ओर से प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि विरोध दर्ज कराने के लिए संवैधानिक और कानूनी रास्ते का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
JMM ने पहले प्रधानमंत्री का पुतला फूंका
इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में जेएमएम कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया था। यह प्रदर्शन खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में किया गया।इसी दौरान एक झामुमो कार्यकर्ता की भीड़ ने कथित तौर पर पिटाई कर दी। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां और तनाव बढ़ गया।
भाजपा ने लगाया ‘गुंडागर्दी’ का आरोप
मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जेएमएम और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कई जिलों में झामुमो कार्यकर्ताओं ने हमला किया और पुलिस भी उनका साथ देती रही।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि छात्रों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत संविधान में मिले अधिकारों के अनुसार पुतला दहन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि छात्रों के साथ कथित बर्बरता के खिलाफ पार्टी चुप नहीं बैठेगी और इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाया जाएगा।
भर्ती व्यवस्था को लेकर जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच लंबे समय से झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। पुतला दहन के दौरान हुई झड़प के बाद यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है।फिलहाल प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।












