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Poonam Dhillon Dengue: पूनम ढिल्लों को डेंगू ने पहुंचाया अस्पताल, जानिए कब जानलेवा बन जाता है यह बुखार

Poonam Dhillon Dengue: अभिनेत्री पूनम ढिल्लों डेंगू के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। जानिए डेंगू कब गंभीर और जानलेवा बन सकता है और कौन से लक्षण खतरे का संकेत हैं।

मुंबई। दिग्गज अभिनेत्री और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों को डेंगू के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ‘सोहनी माहीवाल’, ‘ये वादा रहा’ और ‘नाम’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री की तबीयत को लेकर उनके प्रशंसक चिंतित हैं। हालांकि, सामने आई जानकारी के मुताबिक पूनम ढिल्लों अब पहले से बेहतर हैं और रिकवरी कर रही हैं।

पूनम ढिल्लों के डेंगू की खबर के बीच एक बार फिर यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि आखिर डेंगू सामान्य बुखार से कब गंभीर और जानलेवा स्थिति में बदल जाता है? डेंगू के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और मरीज कुछ समय में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है और तत्काल अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

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डेंगू क्यों बन सकता है जानलेवा?

डेंगू गंभीर होने पर शरीर की रक्त वाहिकाओं से तरल पदार्थ बाहर निकलने लग सकता है। इससे ब्लड प्रेशर तेजी से गिर सकता है और मरीज शॉक की स्थिति में जा सकता है। गंभीर स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी असर पड़ सकता है।यही वजह है कि डेंगू में केवल बुखार कम होने को ही ठीक होने का संकेत नहीं मानना चाहिए। कई बार बुखार उतरने के आसपास का समय ही सबसे ज्यादा सतर्क रहने वाला होता है।

बुखार कम होने के बाद भी क्यों जरूरी है सावधानी?

डेंगू के गंभीर चेतावनी संकेत अक्सर शुरुआती बुखार कम होने के करीब एक से दो दिन बाद सामने आ सकते हैं। इसलिए बुखार कम होने के बाद भी मरीज की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।अगर इस दौरान मरीज को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

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ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं

गंभीर डेंगू के संभावित चेतावनी संकेतों में शामिल हैं—
• पेट में तेज दर्द
• लगातार उल्टी होना
• तेज या कठिन सांस लेना
• मसूड़ों या नाक से खून आना
• उल्टी में खून आना
• मल में खून दिखाई देना
• अत्यधिक कमजोरी या थकान
• बेचैनी या असामान्य कमजोरी
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। गंभीर डेंगू एक मेडिकल इमरजेंसी बन सकता है।

हर डेंगू मरीज को गंभीर खतरा नहीं

डेंगू वायरस से संक्रमित होने वाले सभी लोगों में गंभीर बीमारी विकसित नहीं होती। कई लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते या हल्के लक्षण रहते हैं। जिन लोगों में बीमारी के लक्षण आते हैं, उनमें आम तौर पर तेज बुखार के साथ सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्या हो सकती है।
अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर डेंगू में बदल सकता है। इसलिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच और निगरानी जरूरी है।

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डेंगू में लापरवाही क्यों पड़ सकती है भारी?

डेंगू के गंभीर मामलों में शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ सकता है और रक्तचाप खतरनाक स्तर तक गिर सकता है। इससे हृदय, गुर्दे और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों के काम करने पर असर पड़ सकता है।इसलिए डेंगू के दौरान खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना और मरीज की हालत में बदलाव होने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

पूनम ढिल्लों की सेहत पर फैंस की नजर

पूनम ढिल्लों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। उपलब्ध स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार अभिनेत्री ने बताया है कि वह अब पहले से बेहतर महसूस कर रही हैं और रिकवरी कर रही हैं।डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। डेंगू के लक्षण या गंभीर चेतावनी संकेत दिखाई देने पर चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।
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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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