स्वास्थ्य विभाग के रप्तार को लगेगा ब्रेक : 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का दूसरे दिन भी आंदोलन जारी, स्वास्थ्य विभाग मौन, कर्मियों में आक्रोश

रांची, 15 सितंबर 2026: झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी रहा । दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपनी लंबित मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया ।
संघ ने कहा कि 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर लगातार सरकार एवं संबंधित विभागों का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस एवं सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है । कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह मौन है ।
क्या है मांग
संघ की प्रमुख मांगों में अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्रांक 2499 (MD), दिनांक 06.08.2026 के निर्देशों का अनुपालन करते हुए जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन प्रारंभ करना, सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में पुनः सेवा में बहाल करना तथा EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है ।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों ने हमेशा आपातकालीन सेवा को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई है । इसके बावजूद कर्मचारियों की जायज और लंबित मांगों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है । सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर वार्ता एवं समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए ।
संघ ने बताया कि 14 से 19 सितंबर तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए विरोध जारी रहेगा । इसके बाद निर्धारित चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत 19 सितंबर को कैंडल मार्च, 21 सितंबर को भिक्षाटन, 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन तथा 25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल एवं NHM कार्यालय, नामकुम, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा । इसके बाद 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम निर्धारित है ।
संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि आंदोलन के आगामी चरणों से पहले कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े ।
संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संगठित तरीके से कर्मचारियों के अधिकारों और लंबित मांगों के समाधान तक जारी रहेगा ।










