Jharkhand High Court: शिक्षक भर्ती में कट ऑफ से ज्यादा अंक फिर भी नहीं मिली नौकरी, हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में नियुक्ति का दिया आदेश
झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक नियुक्ति मामले में मो शहजादा के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने छह सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया।

रांची: शिक्षक भर्ती के एक मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नौकरी देने का आदेश दिया है। झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर जिले में वर्ष 2015 की सहायक शिक्षक नियुक्ति से जुड़े एक मामले में अभ्यर्थी के पक्ष में ये फैसला सुनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को प्रार्थी मो शहजादा की कक्षा 6 से 8 के भाषा विषय में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया है।अदालत ने सरकार को आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने को कहा है।
कटऑफ से 3 अंक ज्यादा, फिर भी चयन सूची से बाहर
मामले के अनुसार, मो शहजादा अनारक्षित महिला श्रेणी की रिक्त सीटों के लिए आयोजित काउंसेलिंग में शामिल हुए थे। इस श्रेणी की निर्धारित कटऑफ 51.26 अंक थी, जबकि प्रार्थी को 54.69 अंक प्राप्त हुए थे। कटऑफ से अधिक अंक होने और काउंसेलिंग में शामिल होने के बावजूद उनका नाम अंतिम चयन सूची में नहीं आया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
महिला अभ्यर्थी नहीं मिलने पर पुरुष उम्मीदवार की नियुक्ति का मुद्दा
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने अदालत के समक्ष दलील दी कि संबंधित श्रेणी में महिला अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र पुरुष अभ्यर्थी की नियुक्ति की जा सकती है।दलील के दौरान राज्य सरकार की ओर से जारी 30 अक्टूबर 2015 और 17 जुलाई 2019 के निर्देशों का भी हवाला दिया गया। प्रार्थी की ओर से कहा गया कि संबंधित निर्देशों के तहत महिला आरक्षित सीट पर पात्र पुरुष अभ्यर्थी को संबंधित श्रेणी की मेरिट के आधार पर नियुक्त किए जाने का प्रावधान है।
सरकार ने पुरुष श्रेणी के कटऑफ का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रार्थी की नियुक्ति पर अलग तर्क रखा गया। सरकार की ओर से बताया गया कि पुरुष श्रेणी में अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 59.37 अंक थे।हालांकि, अदालत ने मामले में संबंधित महिला आरक्षित सीट, उसकी कटऑफ, प्रार्थी के प्राप्तांक और काउंसेलिंग में उनकी भागीदारी समेत अन्य तथ्यों पर विचार किया।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति का दिया निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलील को स्वीकार नहीं किया और प्रार्थी के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने सरकार को देवघर जिले में कक्षा 6 से 8 के भाषा विषय में मो शहजादा की नियुक्ति करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कहा कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
2015 की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा है मामला
यह पूरा विवाद वर्ष 2015 में हुई सहायक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित है। नियुक्ति प्रक्रिया में चयन नहीं होने के बाद मो शहजादा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने पक्ष में नियुक्ति का आदेश देने की मांग की थी।अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का रास्ता साफ हो गया है।












