शर्मनाक: गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए मांगी छुट्टी, अधिकारी ने मांगी ₹25 हजार की रिश्वत; ACB ने रंगे हाथ दबोचा

ACB News: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अफसर को रंगे हाथ दबोचा है। मामला शर्मनाक तब और बन गया जब गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के मामले में रिश्वत की मांग की गई।
क्या है मामला
सूरत महानगरपालिका (SMC) के एक सिक्योरिटी ऑफिसर को ₹25 हजार की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान शैलेष मणीलाल पारेख के रूप में हुई है। वह SMC के वॉच एंड वार्ड विभाग में क्लास-3 सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर तैनात था।
पत्नी गर्भवती थी, इलाज के लिए छुट्टी मांग रहा था कर्मचारी
ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता SMC का ही कर्मचारी है। उसकी पत्नी गर्भवती है और उसे नियमित रूप से डॉक्टर के पास इलाज के लिए ले जाना पड़ रहा था। इसके लिए कर्मचारी को कई बार ड्यूटी के दौरान पत्नी के साथ अस्पताल जाना पड़ता था।
पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए कर्मचारी ने ड्यूटी से बाहर जाने की अनुमति और छुट्टी की मांग की। सिक्योरिटी ऑफिसर शैलेष पारेख ने कथित तौर पर इसके बदले ₹25 हजार की रिश्वत मांगी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर कर्मचारी की गैरहाजिरी दर्ज करने या मेमो जारी करने की बात कही गई।
कर्मचारी ने की थी ACB से शिकायत
रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर कर्मचारी ने ACB से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई।
28 सितंबर को SMC परिसर के मुगलीसरा स्थित तापीपुरा कार्यालय में अधिकारी के चैंबर में ट्रैप लगाया गया। ACB के मुताबिक, शैलेष पारेख ने कथित तौर पर ₹25 हजार की रकम स्वीकार की, जिसके बाद टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली।
दूसरे कर्मचारियों से भी रिश्वत लेने का है आरोप,अब होगी जांच
मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। ACB अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी ने इसी तरह SMC के अन्य कर्मचारियों से भी छुट्टी, गैरहाजिरी या मेमो से जुड़े मामलों में पैसे की मांग की थी।











