झारखंड: शिक्षक की वियतनाम के सड़क हादसे में मौत, ट्रेनिंग के बाद लौटने के दौरान हुआ हादसा, परिजनों ने शव को भारत लाने की लगायी गुहार
Jharkhand: Teacher dies in a road accident in Vietnam while returning after training; family appeals for the body to be brought back to India.

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले एक शिक्षक की विदेश में सड़क हादसे में मौत हो गयी। 26 वर्षीय शिक्षक राजा कुमार वर्मा की वियतनाम में सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राजा करीब एक साल से वियतनाम में रहकर योग शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। हादसे की खबर रांची स्थित उनके परिवार तक पहुंचते ही घर में मातम पसर गया।
माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।राजा कुमार वर्मा सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के कुमार टोली, चूना भट्ठा, श्री नारायण प्रजापति पथ के रहने वाले थे। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर को वियतनाम से रांची लाने के लिए प्रशासनिक और सरकारी मदद की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों पर जिला प्रशासन दिनांक 25 सितंबर 2026 को वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मृत रांची निवासी राजा कुमार बंसी के पार्थिव शरीर को रांची लाने के लिए प्रयासरत है।
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जानकारी हो कि कैलाश नगर निवासी राजा कुमार… pic.twitter.com/sbv318jlFA
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योग प्रशिक्षण देकर लौट रहे थे राजा
परिजनों के अनुसार, राजा वियतनाम में एक निजी घर में योग का प्रशिक्षण देने गए थे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह स्कूटी से अपने कार्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर एक कार से टकरा गई।हादसा इतना गंभीर था कि राजा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद से रांची स्थित उनके घर में शोक का माहौल है।
करीब एक साल पहले काम के लिए गए थे वियतनाम
परिवार के मुताबिक, राजा करीब एक साल पहले काम के सिलसिले में वियतनाम गए थे। उनके मामा राहुल, जो खुद भी योग शिक्षक हैं, ने उन्हें वियतनाम बुलाया था।विदेश जाकर योग शिक्षक के रूप में काम करने के बाद राजा अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सहारा बन गए थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ आर्थिक परेशानी भी खड़ी हो गई है।
बिजली मिस्त्री हैं राजा के पिता
जानकारी के मुताबिक राजा के पिता उमेश कुमार वर्मा बिजली मिस्त्री हैं। परिजनों के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है और राजा परिवार की कमाई में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे।बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की सबसे बड़ी चिंता अब राजा का पार्थिव शरीर वियतनाम से वापस रांची लाने की है, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
सांसद महुआ मांझी से परिवार ने लगाई मदद की गुहार
पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में मदद के लिए परिवार ने राज्यसभा सांसद महुआ मांझी से मुलाकात की है। परिजनों ने उनसे वियतनाम से राजा का शव जल्द रांची लाने के लिए आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का आग्रह किया।परिवार के मुताबिक, सांसद की ओर से कागजी प्रक्रिया पूरी कराने और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के प्रयास का आश्वासन दिया गया है।
रक्षा राज्य मंत्री से भी संपर्क
परिवार ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी संपर्क किया है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर वार्ड 27 की पार्षद बबली सोनी सहित आसपास के लोग भी परिवार की मदद के लिए प्रयास कर रहे हैं।परिजन चाहते हैं कि सरकारी स्तर पर जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी हो, जिससे राजा का पार्थिव शरीर भारत लाया जा सके।
विदेश में मौत पर परिवार को मिल सकती है 5 लाख की सहायता
विदेश में काम करने वाले झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की असामयिक मौत की स्थिति में राज्य सरकार की झारखंड अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता का प्रावधान है।योजना के तहत विदेश में जीविकोपार्जन के दौरान प्रवासी श्रमिक की असामयिक मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।











