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ई-रिक्शा चलाकर बहू को पढ़ाया, सिपाही बनते ही पति से बोली- ‘मैं तुम्हें नहीं जानती’, रो-रोकर बेहाल पति लगा रहा गुहार, मुझे मेरी प्रतिभा से मिलवा दो..लव मैरिज की थी शादी

हंसलाल ने आरोप लगाया है कि पत्नी प्रतिभा विश्वकर्मा को पढ़ाने और सिपाही भर्ती की तैयारी कराने में परिवार ने लाखों रुपये खर्च किए। पत्नी की नौकरी लगने के बाद रिश्ते में विवाद होने का दावा करते हुए वह पुलिस अधिकारियों से मदद मांग रहा है। महिला सिपाही का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

Police News। आंखों से बहते आंसू….हाथों में शादी से जुड़े दस्तावेज और पत्नी की तस्वीरें… हंसलाल कभी फूट-फूटकर रोता, तो कभी हर आने जाने वालों के सामने हाथ जोड़ता, कहता, ‘मुझे मेरी प्रतिभा से मिलवा दो…’ बीबी की बेवफाई पर एक पति की यह गुहार चर्चा में है। मामला कटिहार का है, जहां पिछले दो दिनों से पुलिस लाइन से लेकर एसपी कार्यालय तक चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि जिस पत्नी की पढ़ाई और पुलिस की नौकरी की तैयारी में उन्होंने और उनके पिता ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा लगा दिया, वही अब उन्हें पति मानने से इनकार कर रही है। इस पूरे मामले में पति और उसके पिता इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।

हंसलाल का दावा है कि उन्होंने अपनी पत्नी प्रतिभा विश्वकर्मा को आगे पढ़ाने और सिपाही भर्ती की तैयारी कराने में परिवार के साथ मिलकर करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च किए। उनके पिता परमहंस गुप्ता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते हैं। परिवार का आरोप है कि प्रतिभा को पुलिस की नौकरी मिलने के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी बढ़ गई। हालांकि, इस मामले में महिला सिपाही का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

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2021 में हुआ प्रेम विवाह, परिवार ने भी रिश्ते को स्वीकारा

हंसलाल गुप्ता मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले हैं। वह रोजी-रोटी के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रतापगढ़ की रहने वाली प्रतिभा विश्वकर्मा से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और साल 2021 में उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया।
हंसलाल के मुताबिक, शादी के बाद वह प्रतिभा को लेकर अपने घर कैमूर आ गए। उनका दावा है कि परिवार ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को दोनों ने कैमूर में कोर्ट मैरिज भी की। पति का कहना है कि शादी से जुड़े दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।

ई-रिक्शा चलाकर ससुर ने बहू की पढ़ाई पर खर्च किए लाखों रुपये

हंसलाल के पिता परमहंस गुप्ता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। परिवार का कहना है कि शादी के बाद प्रतिभा ने आगे पढ़ाई करने और सरकारी नौकरी की तैयारी करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद ससुर और पति ने उसकी पढ़ाई में मदद करने का फैसला किया।हंसलाल के मुताबिक, वह खुद भी कमाई करके पत्नी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का खर्च उठाते थे।

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उनके पिता का दावा है कि बहू को पढ़ाने-लिखाने और नौकरी की तैयारी कराने में परिवार ने करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च किए।परिवार को उम्मीद थी कि प्रतिभा की नौकरी लगने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और घर-परिवार खुशहाल रहेगा। लेकिन अब हंसलाल का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद उनके रिश्ते में ऐसी दूरी आई कि पत्नी ने उन्हें पहचानने तक से इनकार कर दिया।

सिपाही बनते ही बदल गया व्यवहार, मिलने से भी बचने लगी पत्नी

परिवार के अनुसार, प्रतिभा ने सिपाही भर्ती परीक्षा पास कर ली और बिहार पुलिस में महिला सिपाही के पद पर नियुक्त हुईं। फिलहाल उनकी पोस्टिंग कटिहार जिले में बताई जा रही है।हंसलाल का आरोप है कि पुलिस की ट्रेनिंग और ड्यूटी के दौरान जब वह पत्नी को फोन करते थे, तो वह व्यस्त होने की बात कहकर ज्यादा बातचीत नहीं करती थी।

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उनका कहना है कि जब वह कैमूर से कटिहार मिलने पहुंचते, तब भी प्रतिभा उनसे मिलने से बचने लगी। पति का दावा है कि इसी व्यवहार के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। हंसलाल का कहना है कि अब प्रतिभा उनके साथ रहने को तैयार नहीं है और कथित तौर पर शादी को लेकर भी सवाल उठा रही है।

दूसरे युवक से संबंध का पति ने लगाया आरोप

हंसलाल ने अपनी पत्नी के संबंध में राहुल शर्मा नाम के एक युवक का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि दोनों के बीच कथित संबंध हैं। पति का दावा है कि उसके पास इससे जुड़े कुछ साक्ष्य भी हैं।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला सिपाही की ओर से इस संबंध में उनका पक्ष भी सामने आना जरूरी है।

इसलिए फिलहाल इन दावों को पति और उसके परिवार के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।हंसलाल का कहना है कि वह विवाद को खत्म कर अपनी पत्नी के साथ दोबारा रहना चाहते हैं। उनका दावा है कि वह रिश्ते को बचाने के लिए तैयार हैं, लेकिन पत्नी की ओर से उन्हें साथ रखने की सहमति नहीं मिल रही है।

रोते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे पति-पिता, लिखित शिकायत दी

रिश्ते को बचाने की उम्मीद लेकर हंसलाल अपने पिता के साथ कटिहार पहुंचे। दोनों ने पुलिस केंद्र में प्रतिभा से मुलाकात कर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई।इसके बाद पिता-पुत्र कटिहार समाहरणालय पहुंचे और एसपी कार्यालय में लिखित आवेदन दिया। हंसलाल ने आवेदन में अपनी पत्नी के कथित संबंधों और वैवाहिक विवाद का जिक्र करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बाद अब परिवार को मामले में उचित कार्रवाई और समाधान की उम्मीद है। हालांकि, शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

पिता बोले- ई-रिक्शा चलाकर बहू को पढ़ाया, अब परिवार टूटने की चिंता

इस पूरे मामले में हंसलाल के पिता परमहंस गुप्ता भी बेहद भावुक नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बहू को बेटी की तरह रखा और उसकी पढ़ाई के लिए अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च किया।परमहंस का दावा है कि बहू की पढ़ाई और नौकरी की तैयारी में करीब 8 से 9 लाख रुपये लगाए गए। उनका आरोप है कि अब बहू उनके परिवार के साथ रहने को तैयार नहीं है। पिता का कहना है कि उन्होंने जिस बहू के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत की, आज उसी रिश्ते को टूटता देखकर उन्हें गहरा दुख हो रहा है।

अब पत्नी से मिलना और रिश्ते का समाधान चाहते हैं हंसलाल

हंसलाल का कहना है कि उनका परिवार साधारण आर्थिक स्थिति वाला है। उन्होंने और उनके पिता ने मेहनत करके प्रतिभा की पढ़ाई में मदद की थी। अब वह चाहते हैं कि उनकी पत्नी उनसे बातचीत करे और वैवाहिक विवाद का समाधान निकले।फिलहाल इस मामले में पति और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं।

प्रतिभा विश्वकर्मा का पक्ष, पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल कटिहार में यह मामला एक वैवाहिक विवाद के रूप में सामने आया है, जिसमें एक ओर पति और ससुर अपने रिश्ते को बचाने की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर महिला सिपाही का पक्ष सामने आना बाकी है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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