दारोगा-सिपाही ने किया कांड: रेस्टोरेंट में हुक्का नहीं मिला तो काटा बवाल, कर्मचारियों को पीटा, लड़कियों पर टोंटबाजी, दोनों पुलिसकर्मी की हुई छुट्टी
स्वरूप नगर के टर्नऑन रेस्तरां में हुक्का देने से इनकार पर विवाद हुआ। कर्मचारियों से मारपीट के आरोपों के बीच दो पुलिसकर्मी निलंबित।

Restaurant Controversy: रेस्टोरेंट में हुक्का नहीं मिला तो दारोगा और कांस्टेबल ने खूब तांडव मचाया। जमकर बवाल काटने की खबर जब पुलिस महकमे को लगी, तो हंगामा मच गया। अब खबर आ रही है कि दारोगा और सिपाही दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही जांच के आदेश भी दे दिये गये हैं। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर के स्वरूप नगर स्थित टर्नऑन रेस्तरां की है, जहां हुक्का देने से इनकार करने पर विवाद का मामला सामने आया है।
आरोप है कि देर रात रेस्तरां पहुंचे चार युवकों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस दौरान कर्मचारियों के कपड़े फाड़ने और मोबाइल लेने पहुंचीं युवतियों पर अभद्र टिप्पणियां करने के भी आरोप लगे हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
हुक्का देने से मना किया तो शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात करीब ढाई बजे चार युवक कार से स्वरूप नगर स्थित टर्नऑन रेस्तरां पहुंचे थे। उन्होंने वहां कर्मचारियों से हुक्का मांगा। रेस्तरां में हुक्का उपलब्ध कराने से इनकार किए जाने पर कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवकों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला रेस्तरां से निकलकर सड़क तक पहुंच गया। इस दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने के भी आरोप लगाए गए हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात करीब ढाई बजे से तीन बजे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान आसपास मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो भी बनाए।
मोबाइल लेने पहुंचीं युवतियों पर अभद्र टिप्पणियों का आरोप
विवाद के दौरान कुछ युवतियां रेस्तरां में अपना मोबाइल फोन लेने पहुंचीं। आरोप है कि वहां हंगामा कर रहे युवकों ने युवतियों पर भी अभद्र टिप्पणियां कीं। इससे मौके पर तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, घटनाक्रम से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होनी है।
दरोगा और ACP के हमराही की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि विवाद में शामिल चार लोगों में एक दरोगा सेंट्रल जोन के एक थाने में तैनात है, जबकि दूसरा ACP घाटमपुर कृष्णकांत का हमराही बताया जा रहा है। इनके साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनाक्रम के दौरान ACP के हमराही ने फोन कर स्वरूप नगर चौकी प्रभारी और थाना पुलिस को मौके पर बुलाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही चारों युवक वहां से जा चुके थे।इसके बाद मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की गई।
ACP स्वरूप नगर को सौंपी गई जांच
मामला सामने आने के बाद DCP सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जांच ACP स्वरूप नगर ज्योति श्री को सौंपी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जांच का उद्देश्य घटना में शामिल लोगों की भूमिका और पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़े आरोपों की पड़ताल करना है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित
कमिश्नरेट कानपुर नगर की ओर से जारी मीडिया अपडेट के मुताबिक, स्वरूप नगर स्थित रेस्तरां में हुए विवाद के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस उपायुक्त ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों के आचरण और विभागीय अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के आधार पर होनी है।












