Giridih News: ASI पर लगा बस कंडक्टर पर जानलेवा हमला करने का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा; निष्पक्ष जांच की मांग

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में बस कंडक्टर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर निमियाघाट थाना में पदस्थापित ASI सत्येंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
बस टिकट के पैसे को लेकर विवाद, कंडक्टर से मारपीट का आरोप
बाबूलाल मरांडी के ट्वीट कर बताया कि गढ़वा से कोलकाता के बीच चलने वाली मुन्ना ट्रैवल्स की बस में ASI के परिवारजनों से टिकट के पैसे को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि ASI सत्येंद्र कुमार के परिजन गढ़वा से बस में सफर कर रहे थे और टिकट के पैसे एजेंट को दिए गए थे।
इसी बात से नाराज होकर ASI ने कथित तौर पर गिरिडीह जिले में GT रोड पर बस का पीछा कर उसे रुकवाया। इसके बाद बस कंडक्टर जाहिद आलम के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। मरांडी ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद कंडक्टर को धमकियां दी गईं।
गंभीर रूप से घायल कंडक्टर अस्पताल में भर्ती
बाबूलाल मरांडी के अनुसार, मारपीट में घायल जाहिद आलम अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि घायल भाई कंडक्टर को देखने अस्पताल जा रहे उनके भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
हालांकि, कंडक्टर के साथ कथित मारपीट और उनके भाई की सड़क दुर्घटना में मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों घटनाओं के संबंध में पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
SP पर भी उठाए सवाल
मरांडी ने अपने ट्वीट में दावा किया कि बस मालिक ने गिरिडीह के एसपी से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एसपी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाए, आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई हो।
पुलिस एसोसिएशन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस एसोसिएशन से भी इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और गलत काम करने वाले सदस्यों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
अब प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस मामले में ASI सत्येंद्र कुमार का पक्ष, पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकता है।
अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की जांच कब शुरू होती है और घायल कंडक्टर व उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।











