झारखंड बड़ी कार्रवाई : गर्म लोहे से दागने मामले में पूर्व BDO पर विभागीय जांच जारी, पूर्व CO पर भी कार्रवाई; सड़क निर्माण में लापरवाही पर 3 इंजीनियर निलंबित
झारखंड में प्रशासनिक कार्रवाई तेज। हजारीबाग के पूर्व BDO राकेश कुमार पर विभागीय जांच जारी रहेगी, नामकुम की पूर्व CO शुभ्रा रानी की जांच और साहिबगंज में 3 अभियंताओं का निलंबन।

रांची। झारखंड में प्रशासनिक अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े तीन अहम प्रकरण सामने आए हैं। हजारीबाग के बड़कागांव के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राकेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, रांची के नामकुम की तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) शुभ्रा रानी के खिलाफ सरकारी जमीन से जुड़े मामले में विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है। दूसरी ओर, साहिबगंज में पतना-हिरणपुर सड़क के घटिया निर्माण के मामले में पथ निर्माण विभाग के तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है।
आपसी समझौते के बावजूद पूर्व BDO के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
हजारीबाग जिले के बड़कागांव के तत्कालीन BDO राकेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रखने का फैसला लिया गया है। जानकारी के अनुसार, वह एक आपराधिक मामले में अदालत से राहत पा चुके हैं, लेकिन कार्मिक विभाग ने इस आधार पर विभागीय कार्रवाई समाप्त करने से इनकार कर दिया है।
यह मामला राकेश कुमार और उनकी पत्नी पर एक छोटी बच्ची को गर्म आयरन से दागने के आरोपों से जुड़ा है। बताया गया है कि आपसी समझौते के आधार पर उन्हें अदालत से राहत मिली थी। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले को अलग मानते हुए कार्रवाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले हुई विभागीय कार्यवाही में उनके खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हुए थे। अब विभाग ने दोबारा विभागीय कार्यवाही चलाने का फैसला किया है। मामले में आगे की प्रक्रिया कार्मिक विभाग के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
करोड़ों की सरकारी जमीन के मामले में पूर्व CO की जांच
रांची जिले के नामकुम की तत्कालीन अंचल अधिकारी शुभ्रा रानी के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है। मामला मौजा हेथु की 3.64 एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा है।उन पर आरोप है कि जमीन से संबंधित वंशावली के सत्यापन में गलत रिपोर्ट दी गई और पर्याप्त जांच-पड़ताल किए बिना ही वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई। मामले की जांच रांची के उपायुक्त ने कराई थी, जिसमें आरोप सही पाए जाने की बात सामने आई।इसके बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय जांच में आरोपों और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की जाएगी। अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटिया सड़क निर्माण पर तीन अभियंताओं पर गिरी गाज
साहिबगंज जिले में पतना-हिरणपुर सड़क के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने के बाद पथ निर्माण विभाग ने कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कार्यपालक अभियंता अजय कुमार, सहायक अभियंता रामजीवन पासवान और कनीय अभियंता शत्रुध्न प्रसाद राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान तीनों अभियंताओं का मुख्यालय रांची स्थित मुख्य अभियंता (यातायात) का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
सेवानिवृत्त कनीय अभियंता की पेंशन में कटौती का आदेश
इसी सड़क निर्माण मामले में सेवानिवृत्त कनीय अभियंता राम दयाल मंडल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उनके विरुद्ध झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत पेंशन में कटौती का आदेश दिया गया है।इस प्रावधान के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों के खिलाफ सेवा अवधि से जुड़े मामलों में पेंशन संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सरकार का जोर
इन तीनों मामलों में विभागीय जांच, निलंबन और पेंशन में कटौती जैसे कदम उठाए गए हैं। जहां पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कथित अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाई जा रही है, वहीं सड़क निर्माण की गुणवत्ता में कमी के मामले में अभियंताओं पर कार्रवाई की गई है।हालांकि, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनके अंतिम दायित्व का निर्धारण संबंधित जांच एवं विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।












