दुर्गापूजा में झारखंड की इन कर्मियों की बल्ले-बल्ले: 43 हजार सहियाओं को बड़ी राहत, 6 महीने की बकाया प्रोत्साहन राशि मिलेगी एकमुश्त; सरकार ने जारी किए 51.91 करोड़ रुपये
झारखंड की करीब 43 हजार सहियाओं को अप्रैल से सितंबर 2026 तक की बकाया प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

रांची। इस दुर्गापूजा में झारखंड की करीब 43 हजार सहियाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने अप्रैल से सितंबर 2026 तक की छह महीने की बकाया प्रोत्साहन राशि एकमुश्त देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 51.91 करोड़ रुपये सभी जिलों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू होने से पहले सहियाओं के बैंक खातों में राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। लंबे समय से प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को इससे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
हर सहिया के खाते में आएंगे 12 हजार रुपये
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, प्रत्येक सहिया को छह महीने के लिए 2,000 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 12,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह भुगतान अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 की अवधि के लिए किया जाना है।एकमुश्त राशि मिलने से सहियाओं को घरेलू खर्च और त्योहार की तैयारियों में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक भुगतान संबंधित बैंक खातों में राशि पहुंचने के बाद ही पूरा माना जाएगा।
NHM ने जिलों को भेजे 51.91 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने मंगलवार को 51.91 करोड़ रुपये सभी जिलों को हस्तांतरित किए।इसके बाद जिलों के स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जानी है। विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि निर्धारित राशि सहियाओं के खातों में समय पर पहुंचाई जाए।
दुर्गा पूजा से पहले भुगतान पूरा करने का निर्देश
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा का अवकाश शुरू होने से पहले भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिए जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।सरकार की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली सहियाओं को उनकी बकाया प्रोत्साहन राशि के लिए और इंतजार न करना पड़े।
अप्रैल से अटका था भुगतान, आर्थिक परेशानी झेल रही थीं सहियाएं
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत यानी अप्रैल से ही सहियाओं को निर्धारित प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान नहीं मिल पा रहा था। लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने के कारण कई स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।सहियाएं ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। ऐसे में प्रोत्साहन राशि में देरी उनके घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है।
भुगतान के बाद मिलेगी बड़ी राहत
छह महीने की राशि एक साथ जारी करने के निर्णय से राज्य की करीब 43 हजार सहियाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। अब जिला स्वास्थ्य प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि आवंटित राशि का भुगतान निर्धारित समय के भीतर पूरा करे।हालांकि, सरकार की ओर से राशि जिलों को हस्तांतरित किए जाने और सहियाओं के खातों में वास्तविक भुगतान होने के बीच अंतर है। इसलिए भुगतान पूरा होने की पुष्टि संबंधित विभाग या लाभार्थियों के खातों में राशि पहुंचने के बाद ही होगी।











