दर्दनाक हादसा: पत्नी को बचाने पहुंचे पति और भांजी की आहर में डूबकर मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
डोभी थाना क्षेत्र के मिसरीटांड़ में पति-पत्नी के विवाद के बाद दर्दनाक हादसा हुआ। बनारसी आहर में डूबने से रचना और उसके चचेरे मामा गौतम कुमार की मौत हो गई।

Crime News: कभी-कभी ऐसी विडंबना ऐसी हो जाती है, जो सोचने को मजबूर कर देदी है। ऐसा ही कुछ एक नया मामला सामने आया है। जहां जान देने जा रही पत्नी को बचाने पहुंचे पति और भांची की मौत हो गयी। घटना बिहार के गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के मिसरीटांड़ गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में आहर में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गौतम कुमार और उनकी चचेरी भांजी रचना के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद गौतम की पत्नी गांव के पास स्थित बनारसी आहर की ओर चली गई थी। उसे रोकने की कोशिश के दौरान रचना गहरे पानी में गिर गई। उसे बचाने के लिए आहर में कूदे गौतम की भी डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
पति-पत्नी के विवाद के बाद आहर की ओर चली गई महिला
मिली जानकारी के अनुसार, घटना की सुबह गौतम कुमार और उनकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद गौतम की पत्नी ने कथित तौर पर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि, उसका प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद वह घर से निकलकर गांव के पास स्थित बनारसी आहर की ओर चली गई।महिला को आहर की ओर जाते देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना गौतम को दी। सूचना मिलते ही गौतम अपनी चचेरी भांजी रचना के साथ उसे रोकने के लिए आहर की तरफ दौड़ा।
रचना का फिसला पैर, बचाने के लिए पानी में कूदे गौतम
बताया जाता है कि आहर के पास महिला को पानी में कूदने से रोकने की कोशिश के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी दौरान रचना का पैर फिसल गया और वह आहर के गहरे पानी में जा गिरी।रचना को डूबता देख गौतम उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। हालांकि, पानी गहरा होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई। एक पल में हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस घटनाक्रम की शुरुआत एक घरेलू विवाद से हुई थी, उसका अंत दो लोगों की मौत के रूप में हुआ।
ग्रामीणों ने निकाले शव, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास करते हुए दोनों को आहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर डोभी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।रचना के नाना विनोद सिंह के अनुरोध पर उसका शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, गौतम के शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, गया भेज दिया गया। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गौतम की मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
इस हादसे ने गौतम के परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गौतम पेशे से ऑटो चालक था और ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। वह विकलांग शंकर सिंह का इकलौता पुत्र था।
गौतम की अचानक मौत से परिवार के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घर के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में शोक का माहौल है और इस हृदयविदारक घटना से हर कोई स्तब्ध है।
एक घरेलू विवाद ने छीन लीं दो जिंदगियां
मिसरीटांड़ में हुई यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। पत्नी को रोकने और बाद में रचना को बचाने की कोशिश के दौरान हालात ऐसे बिगड़े कि गौतम और रचना दोनों की जान चली गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना ने एक परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है और पूरे इलाके को गम में डूबो दिया।











