Kolkata Durga Puja हादसा पर बड़ी अपडेट : 91 साल पुराने चोरबागान पंडाल में ध्यानमग्न मां दुर्गा की भंग हुई ध्यान ! ऐसा क्या हुआ जब भगदड़ में 19 की मौत, CM शुभेंदु ने किया 25 लाख मुआवजे का ऐलान
Kolkata Durga Puja हादसा: चोरबागान पंडाल में भगदड़, 19 की मौत

कोलकाता Durga Puja हादसा: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच एक दर्दनाक हादसे ने देश भर को झकझोर दिया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में शुरुआती रिपोर्टों में 17 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई। करीब 40 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया।

न शस्त्र, न रौद्र रूप… ध्यान में लीन हैं मां दुर्गा
चोरबागान का यह दुर्गा पूजा पंडाल अपनी अनोखी प्रतिमा और आध्यात्मिक थीम के लिए जाना जाता है। यहां मां दुर्गा का स्वरूप दूसरे पारंपरिक पंडालों से अलग नजर आता है। मां को हाथों में शस्त्र लेकर युद्ध करते हुए या रौद्र रूप में नहीं, बल्कि भक्तों के साथ ध्यानमग्न अवस्था में दिखाया गया है। प्रतिमा में महिषासुर भी मां के सामने हथियार डालता हुआ नजर आता है।
बताया जाता है कि चोरबागान में यह दुर्गा पूजा करीब 91 वर्षों से आयोजित की जा रही है। वर्षों पुरानी इस परंपरा और अनूठी प्रतिमा को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी पंडाल में भारी भीड़ जुटी थी। भीड़ इतनी बढ़ी कि पंडाल का एक हिस्सा गिर गया उसके बाद भगदड़ मच गई।
बारिश से बचने की कोशिश बनी हादसे की वजह
रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार शाम इलाके में तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए बाहर मौजूद श्रद्धालु पंडाल की ओर बढ़ने लगे। पहले से मौजूद भीड़ के बीच अचानक लोगों की संख्या बढ़ने से दबाव पैदा हो गया। संकरे प्रवेश और निकास रास्तों पर भीड़ का दबाव बढ़ने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इसी दौरान कई लोग गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। पंडाल के एक हिस्से के ढहने की भी खबर सामने आई है। हालांकि, हादसे की पूरी परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

पंडाल में प्रवेश बंद, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस, दमकलकर्मियों और आपदा प्रबंधन टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य चलाया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट के जज सेघटना की जांच के निर्देश दिए हैं। आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हादसे ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतक को 25 लाख मुआवजे का ऐलान किया है , घायल को इलाज और अन्य सभी सुविधा मुहैया का आदेश दिया है।
91 साल की परंपरा, मां दुर्गा का शांत और ध्यानमग्न
स्वरूप और दर्शन के लिए उमड़ी भीड़—इन सबके बीच हुआ यह हादसा दुर्गा पूजा के उत्सव पर गहरा दुख छोड़ गया है। लोगों की जुबान पर इस बात की चर्चा है कि क्या ध्यानमग्न दुर्गा के ध्यान में बाधा पहुंची जिसके बाद माता के दरबार में ये भीषण हादसा देखने को मिला।












