गरबा-डांडिया से पहले इंस्टेंट ग्लो और एनर्जी की चाहत, Gen Z में बढ़ रहा IV ड्रिप का क्रेज; जानिए कितना फायदेमंद और कितना खतरनाक!
दुर्गापूजा और गरबा से पहले ग्लोइंग स्किन के लिए बढ़ रहा IV विटामिन ड्रिप का क्रेज। जानिए इसके फायदे, नुकसान और डॉक्टरों की सलाह।

नई दिल्ली। दुर्गापूजा और नवरात्रि का उत्साह हो, गरबा की रंगीन शामें या डांडिया नाइट्स—हर कोई इन खास मौकों पर सबसे खूबसूरत दिखना चाहता है। खासकर युवतियां अपनी स्किन को ग्लोइंग बनाने, चेहरे की थकान दूर करने और पूरे दिन एनर्जेटिक रहने के लिए अलग-अलग ब्यूटी ट्रेंड अपना रही हैं। पार्लर ट्रीटमेंट और स्किन केयर के बीच अब एक नया ट्रेंड चर्चा में है, वह है IV विटामिन ड्रिप।
सोशल मीडिया पर Gen Z और युवा प्रोफेशनल्स के बीच इस ट्रेंड को इंस्टेंट ग्लो, हाइड्रेशन, डिटॉक्स और एनर्जी बढ़ाने के तरीके के रूप में पेश किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि विटामिन और मिनरल्स को सीधे नसों के जरिए शरीर में पहुंचाने से त्वचा में निखार आता है और थकान कम होती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में IV ड्रिप से चेहरे पर तुरंत चमक आती है? क्या गरबा और डांडिया की थकान से बचने के लिए यह अच्छा विकल्प है, या खूबसूरत दिखने की चाहत में सेहत को जोखिम में डालने वाला ट्रेंड?
क्या है IV विटामिन ड्रिप, क्यों बढ़ रहा इसका क्रेज?
IV का पूरा नाम इंट्रावेनस है। इस प्रक्रिया में तरल पदार्थ, विटामिन या अन्य निर्धारित तत्व सीधे नसों के जरिए शरीर में पहुंचाए जाते हैं। मेडिकल जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल डिहाइड्रेशन और कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों में किया जाता है।
हालांकि, अब कुछ वेलनेस क्लीनिक इसे ब्यूटी और वेलनेस ट्रीटमेंट के रूप में भी प्रचारित कर रहे हैं। इनमें विटामिन C, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स, इलेक्ट्रोलाइट्स और ग्लूटाथियोन जैसे तत्व शामिल हो सकते हैं।
नवरात्रि में देर रात तक गरबा, डांडिया, मेकअप, फोटोशूट और लगातार कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण युवा इंस्टेंट फ्रेशनेस की तलाश में रहते हैं। ऐसे में IV ड्रिप का ट्रेंड आकर्षक लग सकता है। लेकिन किसी ट्रीटमेंट का लोकप्रिय होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह हर व्यक्ति के लिए जरूरी या सुरक्षित भी है।
IV ड्रिप से क्या मिल सकता है फायदा?
IV ड्रिप के फायदे इस बात पर निर्भर करते हैं कि इसे किस मेडिकल जरूरत के लिए दिया जा रहा है।
• डिहाइड्रेशन में राहत: शरीर में पानी की गंभीर कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से दिए गए IV फ्लूइड्स शरीर में तरल की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
• विशेष परिस्थितियों में पोषक तत्वों की पूर्ति: कुछ बीमारियों या ऐसी स्थितियों में, जहां मुंह से पोषक तत्व लेना या उन्हें अवशोषित करना संभव नहीं होता, डॉक्टर IV के जरिए जरूरी तत्व दे सकते हैं।
• थकान में संभावित राहत: यदि थकान का कारण डिहाइड्रेशन है, तो उचित उपचार से व्यक्ति बेहतर महसूस कर सकता है। लेकिन हर तरह की थकान का समाधान विटामिन ड्रिप नहीं है।
• सीधे रक्तप्रवाह में पहुंचना: IV के जरिए दिए गए तत्व सीधे रक्तप्रवाह में पहुंचते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि स्वस्थ व्यक्ति को इनकी जरूरत से ज्यादा मात्रा देने पर अतिरिक्त फायदा होगा।
सीके बिड़ला हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. तुषार टायल के बताए गए चिकित्सकीय दृष्टिकोण के अनुसार, स्वस्थ लोगों में केवल एक ड्रिप लेने से लंबे समय तक त्वचा में निखार या एनर्जी बढ़ने के दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
इंस्टेंट ग्लो के चक्कर में सेहत से समझौता तो नहीं?
IV ड्रिप को भले ही आसान ब्यूटी ट्रीटमेंट के रूप में प्रचारित किया जाए, लेकिन यह एक मेडिकल प्रक्रिया है। इसमें जोखिम भी हो सकते हैं।
इसके संभावित खतरे इस प्रकार हैं:
• संक्रमण का खतरा: अस्वच्छ उपकरणों या गलत प्रक्रिया से संक्रमण हो सकता है।
• नसों में दर्द और सूजन: ड्रिप लगाने वाली जगह पर दर्द, जलन, सूजन या नस में सूजन की समस्या हो सकती है।
• एलर्जी की प्रतिक्रिया: दिए जाने वाले किसी तत्व से एलर्जी हो सकती है, जो कुछ मामलों में गंभीर भी हो सकती है।
• विटामिन और मिनरल्स की अधिक मात्रा: जरूरत से ज्यादा कुछ विटामिन या इलेक्ट्रोलाइट्स देने से शरीर में असंतुलन पैदा हो सकता है और किडनी या अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।
• दिल और किडनी के मरीजों के लिए जोखिम: कुछ मरीजों में अतिरिक्त तरल पदार्थ शरीर पर दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे लोगों को विशेष चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत होती है।
बिना जांच, केवल सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर या घर पर खुद से IV ड्रिप लेना जोखिम भरा हो सकता है। इसे केवल प्रशिक्षित मेडिकल पेशेवर की निगरानी में, स्पष्ट चिकित्सकीय जरूरत होने पर ही लिया जाना चाहिए।
क्या IV ड्रिप से सच में गोरा या ग्लोइंग हो सकता है चेहरा?
यही इस ट्रेंड का सबसे बड़ा सवाल है। विटामिन C और ग्लूटाथियोन जैसे तत्वों को अक्सर त्वचा की चमक और रंगत में बदलाव से जोड़कर प्रचारित किया जाता है। लेकिन नसों के जरिए इन तत्वों को देने से स्वस्थ व्यक्ति की त्वचा में तुरंत, स्पष्ट और लंबे समय तक रहने वाला निखार आने के दावे पर्याप्त मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित नहीं हैं।
त्वचा की रंगत और चमक पर आनुवंशिकता, धूप, नींद, पोषण, हार्मोन और त्वचा की देखभाल जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। किसी ड्रिप से इन सभी कारकों का समाधान नहीं किया जा सकता।
इसलिए दुर्गापूजा या गरबा नाइट से पहले केवल खूबसूरत दिखने के लिए IV ड्रिप लेना जरूरी नहीं है। बिना चिकित्सकीय जरूरत के इसका संभावित जोखिम, इसके अप्रमाणित ब्यूटी फायदों से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
गरबा-डांडिया में फ्रेश दिखना है तो क्या करें?
खूबसूरत और तरोताजा दिखने के लिए हमेशा महंगे या मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान आदतें अधिक सुरक्षित और उपयोगी साबित हो सकती हैं।
• पर्याप्त नींद लें: देर रात तक कार्यक्रम होने पर भी अपनी नींद पूरी करने की कोशिश करें।
• पानी पीते रहें: डांस और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अपनी जरूरत के अनुसार पानी पिएं।
• संतुलित भोजन करें: फल, सब्जियां, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को जरूरी ऊर्जा देता है।
• त्वचा की नियमित देखभाल करें: सौम्य क्लींजर, मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
• थकान को नजरअंदाज न करें: लगातार कमजोरी, चक्कर या असामान्य थकान होने पर केवल एनर्जी ड्रिंक या ड्रिप लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
खूबसूरती के लिए ट्रेंड जरूरी या सेहत?
दुर्गापूजा और नवरात्रि का असली उत्साह अपनी पसंद के कपड़े पहनने, सजने-संवरने, गरबा करने और दोस्तों के साथ यादगार पल बिताने में है। सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर नया ब्यूटी ट्रेंड अपनाना जरूरी नहीं है।
IV विटामिन ड्रिप उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें किसी खास मेडिकल स्थिति में इसकी जरूरत हो। लेकिन केवल इंस्टेंट ग्लो, गोरी रंगत या गरबा के लिए अतिरिक्त एनर्जी पाने के उद्देश्य से स्वस्थ व्यक्ति को इसे लेने की सलाह नहीं दी जा सकती











