महंगाई भत्ता रोकना पड़ गया महंगा, हाईकोर्ट ने चीफ सेकरेट्री पर लिया एक्शन, इतने लाख का लगाया जुर्माना, 10 दिन की मोहलत
सरकारी कर्मचारियों के DA एरियर पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया। 1 लाख रुपये जुर्माना और 10 दिन में जवाब देने का निर्देश।

DA News: कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता पर हाईकोर्ट ने कड़ा एक्शन लिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में चीफ सेकरेट्री पर ना सिर्फ भारी भरकम जुर्माना लगाया है, बल्कि 10 दिन के भीतर जवाब तलब भी किया है। इस कार्रवाई के बाद सरकार में हलचल तेज हो गयी है। मामला पंजाब का है, जहां के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) बकाया है। कई बार कर्मचारी संगठन की सरकार पर वार्ता के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई, तो मामला पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।
जहां सुनवाई के बाद महंगाई भत्ते के एरियर का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के पक्ष में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। अदालत ने 3 अगस्त को सरकार को महंगाई भत्ता भुगतान का आदेश दिया था, लेकिन तीन महीने बाद भी महंगाई भत्ता भुगतान के आदेश का पालन नहीं होने पर पंजाब के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं, मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
DA एरियर का भुगतान नहीं होने पर हाईकोर्ट नाराज
3 नवंबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि 3 अगस्त को दिए गये आदेश का अब तक पालन क्यों नहीं किया गया? कर्मचारियों की ओर से अदालत को बताया गया कि पंजाब सरकार ने न तो महंगाई भत्ते के बकाया का भुगतान किया है और न ही निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया। उन्हें 10 दिनों के भीतर व्यक्तिगत अनुपालन हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करना होगा कि अदालत के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया।
17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
इस मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है। अदालत के निर्देश के मुताबिक, मुख्य सचिव को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब देना होगा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल करने की प्रक्रिया में जरूरी खामियां दूर कर ली गयी हैं। सरकार का कहना है कि दिवाली के तुरंत बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध होने की संभावना है।
कर्मचारियों को DA एरियर का इंतजार
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि राज्य सरकार महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान को टाल रही है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को लंबे समय से उनके हक की राशि नहीं मिली है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का भुगतान लंबित है, तो इस मामले में अदालत के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है?
इससे पहले अक्टूबर में भी हाईकोर्ट ने इसी मामले में राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई थी। यह अवमानना याचिका पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता निर्मल सिंह ढिल्लों ने दायर की है।
अब 17 नवंबर की सुनवाई पर टिकी नजरें
महंगाई भत्ते के बकाया को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब 17 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर हैं। मुख्य सचिव के जवाब और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि लंबित DA एरियर के भुगतान की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल हाईकोर्ट ने भुगतान की स्थिति और 3 अगस्त के आदेश के अनुपालन को लेकर सरकार से जवाब तलब किया है।










