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झारखंड- अंशू-अंशिका का पता बताने वाले को 2 लाख रुपये का ईनाम, पुलिस के बाद अब CID भी फेल, देशभर में सर्चिंग जारी

Jharkhand: ₹2 lakh reward for anyone providing information about Anshu and Anshika's whereabouts. After the police, the CID has also failed. A nationwide search is underway.

रांची 12जनवरी। नाबालिग अंश और अंशिका को पता नहीं आसमान ने निगल लिया या फिर पताल ने समा लिया। गायब हुए 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। बच्चों की बरामदगी नहीं होने से न सिर्फ परिजन गहरे सदमे में हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने अब इनाम की घोषणा कर दी है और जांच का दायरा राज्य से बाहर तक फैला दिया गया है।

11 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

दो जनवरी से लापता अंश और अंशिका की बरामदगी नहीं होने से परिजनों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। पुलिस ने अब आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए इन दोनों बच्चों के संबंध में सूचना देने पर दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रांची की ओर से पोस्टर भी जारी किया गया है।

पोस्टर जारी, गोपनीयता का भरोसा

जारी पोस्टर में दोनों बच्चों की तस्वीर, पहचान संबंधी विवरण और उनके पिता का संपर्क नंबर सार्वजनिक किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सही जानकारी मिलने पर दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि इनाम की घोषणा के बाद लोगों से ठोस जानकारी मिलने की संभावना बढ़ेगी।

सीआईडी भी जांच में सक्रिय

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सीआईडी भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। एडीजी (सीआईडी) मनोज कौशिक ने इस संबंध में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्र के सभी थानों को अलर्ट करने का निर्देश दिया है। पत्र में अंश और अंशिका की तलाश के लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने और संभावित ठिकानों पर सघन जांच करने को कहा गया है।

देशभर में सर्च ऑपरेशन

सीआईडी के निर्देश के बाद अब पूरे देश में बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सीमावर्ती इलाके, होटल, लॉज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कई राज्यों की पुलिस को बच्चों की तस्वीरें और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

तकनीकी साक्ष्यों पर भी फोकस

रांची पुलिस और सीआईडी की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुटी हुई हैं। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और अपने-अपने नेटवर्क के माध्यम से सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है। एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि दोनों एजेंसियों के एक साथ काम करने से जांच को गति मिली है और उम्मीद है कि इससे जल्द कोई ठोस सुराग हाथ लगेगा।

बरामदगी नहीं हुई तो रांची बंद की चेतावनी

इधर, बच्चों की बरामदगी नहीं होने से सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समिति के प्रतिनिधि कैलाश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द दोनों बच्चों को सकुशल बरामद नहीं करता है तो संपूर्ण रांची बंद का आह्वान किया जाएगा।

पुलिस कार्रवाई पर लगाए आरोप

कैलाश यादव ने आरोप लगाया कि हटिया डीएसपी और धुर्वा थाना प्रभारी ने उन्हें शुक्रवार सुबह जबरन घर से उठाकर धुर्वा थाना में घंटों तक डिटेन कर रखा। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है।

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