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झारखंड: बिना इजाजत मुख्यालय से गायब हो गये 5 कमांडेंट, कोई रांची, तो कोई कहीं और…अचानक डीजीपी ने मांग लिया लोकेशन…अब पांच कमांडेंट को नोटिस

Jharkhand: Five commandants disappeared from headquarters without permission, some in Ranchi, some elsewhere... Suddenly, the DGP asked for their locations... Now, notices have been issued to five commandants.

झारखंड में बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के मामले में डीजीपी ने पांच कमांडेंट से जवाब तलब किया है। औचक निरीक्षण में अधिकारियों के लोकेशन बाहर मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
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रांची/30.4.26। झारखंड पुलिस महकमे में अनुशासनहीन अफसरों पर गाज गिर सकती है। रांची से मिली जानकारी के अनुसार, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के मामले में तदाशा मिश्रा ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) और स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (SIRB) के पांच कमांडेंट से स्पष्टीकरण मांगा है।

जिन अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है, उनमें जैप-8 पलामू की कमांडेंट कुसुम पुनिया, एसआइआरबी-2 खूंटी की कमांडेंट एमेल्डा एक्का, जैप-9 साहिबगंज की कमांडेंट रिष्मा रमेशन, जैप-5 देवघर के कमांडेंट अंजनी अंजन और जैप-4 बोकारो के कमांडेंट ऋषभ कुमार झा शामिल हैं।

यह कार्रवाई कार्तिक एस. (डीआईजी, जैप) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, डीआईजी ने सभी संबंधित कमांडेंट से उनका वर्तमान लोकेशन साझा करने को कहा था। जब लोकेशन प्राप्त हुए तो पाया गया कि इन पांच अधिकारियों का स्थान उनके निर्धारित मुख्यालय से बाहर था।

कोई रांची में मौजूद था तो कोई अन्य स्थान पर निजी या आधिकारिक कार्य में व्यस्त था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने इसकी जानकारी डीजीपी को दी, जिसके बाद डीजीपी ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्ट किया गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2026 को डीजीपी ने एक सख्त आदेश जारी किया था, जिसमें सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को बिना वरीय पदाधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया था कि अक्सर कानून-व्यवस्था से जुड़ी आकस्मिक स्थितियों में संबंधित अधिकारी मुख्यालय में अनुपस्थित पाए जाते हैं, जिससे स्थिति संभालने में कठिनाई होती है।

डीजीपी ने अपने निर्देश में यह भी कहा था कि भविष्य में सभी अधिकारियों के लोकेशन की निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी आदेश के अनुपालन में डीआईजी जैप ने यह औचक जांच की, जिसमें पांच अधिकारियों की अनुपस्थिति सामने आई।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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