मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी पर प्रेस कांफ्रेंस : बिना एक भी गोली चलाये, कैसे गिरफ्तार हुआ सबसे खूंखार 2.20 करोड़ का नक्सली, जहानाबाद जेल ब्रेक का भी था मास्टरमाइंड
Press conference on the arrest of Misir Besra: How the most dreaded Naxalite—carrying a bounty of ₹2.20 crore and the mastermind behind the Jehanabad jailbreak—was arrested without a single shot being fired.

रांची। मंगलवार को झारखंड के खूखार नक्सली मिसिर बेसरा की गिरफ्तार झारखंड पुलिस की बड़ी कामयाबी है। आज दोपहर मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने बड़ी प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में अधिकारिक तौर पर बताया गया कि झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया है। धनबाद जिले में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान उसे उसके दो साथियों के साथ दबोचा गया।
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा पर 175 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल था।मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आईजी ऑपरेशन नरेंद्र सिंह ने पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिसिर बेसरा कुख्यात जहानाबाद जेलब्रेक कांड का मास्टरमाइंड था और वर्षों से माओवादी संगठन की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा था।
धनबाद में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तारी
नक्सली मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी पर आईजी नरेंद्र सिंह ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने धनबाद जिले में संयुक्त अभियान चलाया। इसी दौरान मिसिर बेसरा को उसके दो सहयोगियों मोछू और गौरव के साथ गिरफ्तार किया गया।पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया गया, जिसके कारण बिना किसी मुठभेड़ के तीनों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
AK-47 के साथ पकड़ा गया पोलित ब्यूरो सदस्य
प्रेस वार्ता में आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह ने बताया कि मिसिर बेसरा और उसके साथियों के पास तीन AK-47 राइफलें थीं। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान एक भी गोली नहीं चली और सुरक्षाबलों ने तीनों को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया।उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति और समन्वय का बड़ा उदाहरण है।
175 मामले दर्ज, जहानाबाद जेलब्रेक का मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा के खिलाफ झारखंड समेत कई राज्यों में 175 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोट, रंगदारी और नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं।आईजी ऑपरेशन नरेंद्र सिंह ने कहा कि वह जहानाबाद जेलब्रेक कांड का मास्टरमाइंड भी था, जिसने उसे देश के सबसे खतरनाक माओवादी नेताओं में शामिल कर दिया था।
झारखंड में नक्सलवाद की ‘आखिरी बड़ी कड़ी’
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेतृत्व लगभग समाप्त हो चुका है। आईजी नरेंद्र सिंह के मुताबिक, मिसिर बेसरा झारखंड में नक्सलवाद की आखिरी बड़ी कड़ी था, इसलिए उसकी गिरफ्तारी को ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है।वहीं आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह ने कहा कि अब संगठन का केवल एक बड़ा नक्सली नेता असीम मंडल ही सक्रिय बचा है।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा। साथ ही संगठन की रणनीतिक क्षमता भी काफी कमजोर होगी।








