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श्रावणी मेला 2026: होटलों के लिए कितना करना होगा खर्च, कांवड़ियों के लिए सख्त गाइडलाइन, रेट चार्ट अनिवार्य; ये दस्तावेज भी जरूरी

श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर प्रशासन ने होटल संचालकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कमरों का रेट चार्ट, CCTV, ID प्रूफ, पार्किंग और खाद्य लाइसेंस अनिवार्य किया गया है।

देवघर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत हो रही है। मेला में व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अलग-अलग तरीके से इंस्ट्रक्शन दिये जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन से लेकर दुकानदार व होटल संचालकों को भी गाइडलाइन जारी की गयी है। मेला को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए होटल संचालकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि 29 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले एक माह के मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में कांवरिया और तीर्थयात्री बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को लेकर होटल संचालकों को नियमों का पालन करना होगा।

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होटल में लगाना होगा कमरों का रेट चार्ट

प्रशासन ने सभी होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों को निर्देश दिया है कि वे कमरों का निर्धारित किराया चार्ट होटल के प्रमुख स्थान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। इससे श्रद्धालुओं को कमरे की कीमतों की जानकारी पहले से मिल सकेगी और मनमानी वसूली पर रोक लगाई जा सकेगी।होटलों द्वारा निर्धारित वर्तमान दरों के अनुसार देवघर में कमरों की श्रेणी के हिसाब से शुल्क तय किया गया है।
• सामान्य कमरे: करीब 400 रुपये से 1000 रुपये तक
• एसी डबल बेड रूम: 1200 रुपये से 5000 रुपये तक
• डीलक्स रूम: 1500 रुपये से 4800 रुपये तक
• प्रीमियम रूम: 3000 रुपये से 5000 रुपये तक
• सुइट रूम: 3800 रुपये से 7500 रुपये तक
वहीं अतिरिक्त व्यक्ति के ठहरने पर 100 रुपये से 1200 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा। प्रशासन ने कहा है कि कमरे की क्षमता से अधिक लोगों को ठहराने की स्थिति में भी नियमों के अनुसार ही अतिरिक्त शुल्क लिया जाए।

साफ-सफाई और अग्निशमन व्यवस्था पर विशेष जोर

श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी होटल संचालकों को परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है।इसके अलावा होटल में लगे बिजली के तार, स्विच बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों की जांच कर उन्हें सुरक्षित बनाने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन उपकरणों को अपडेट रखने का निर्देश भी दिया गया है।

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होटल में ठहरने वालों की ID और मोबाइल नंबर जरूरी

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए होटल संचालकों को मुख्य प्रवेश द्वार और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। होटल में रुकने वाले प्रत्येक यात्री से पहचान पत्र (ID Proof) और मोबाइल नंबर लेना अनिवार्य होगा।प्रशासन का कहना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच में मदद मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

श्रावणी मेला के दौरान बाहर से आने वाले अस्थायी होटल, भोजनालय और खाद्य सामग्री विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ Food Safety and Standards Act 2006 एवं Regulation 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थायी दुकानदारों को भी अपने लाइसेंस को अपडेट रखने और दुकान में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। ग्राहकों को दिए जाने वाले बिल पर लाइसेंस नंबर अंकित करना भी जरूरी होगा।

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होटल संचालकों को करनी होगी पार्किंग की व्यवस्था

प्रशासन ने सभी होटल संचालकों को श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था करने को कहा है। होटल के बाहर या सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।इसके साथ ही नो-एंट्री जोन में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। नगर निगम को होटल क्षेत्रों में बेहतर कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवघर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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