Jharkhand Job Scam: नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख की ठगी, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर बेरोजगारों को बनाया शिकार, पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी
रांची में सरकारी और निजी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूले। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रांची। आप झारखंड में रहते हैं और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइयेगा। कुछ शातिर ठग आपकी मजबूरी को अवसर में बदलने को तैयार बैठे हैं। झारखंड में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने का गोरखधंधा पकड़ाया है। झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
आरोप है कि बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूलकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) थमा दिए गए। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।इस मामले में हरमू निवासी ममता कुमारी की शिकायत पर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
2024 में हुआ था संपर्क
इस संबंध में दर्ज करायी गयी एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2024 में ममता कुमारी का परिचय पिंटू साहू के माध्यम से विजय कुमार सिन्हा से हुआ। पिंटू साहू ने दावा किया कि वह विजय कुमार सिन्हा के साथ मिलकर सरकारी और निजी विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी दिलाने का काम करता है। इसके बाद ममता को अशोक नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे आवेदन पत्र भरवाया गया और इंटरव्यू भी लिया गया।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर मांगे पैसे
दो दिन बाद ममता को दोबारा कार्यालय बुलाया गया। वहां उन्हें फ्रंटलाइन एक्स सर्विस ब्यूरो में ऑफिस असिस्टेंट पद का नियुक्ति पत्र दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने ममता से कहा कि वह अपने अन्य बेरोजगार परिचितों को भी नौकरी के लिए लेकर आएं।
ममता अपने कई परिचितों को कार्यालय लेकर गईं। सभी से आवेदन पत्र भरवाया गया, इंटरव्यू लिया गया और प्रति अभ्यर्थी 2,500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया।कुछ दिनों बाद आरोपियों ने फोन कर बताया कि सभी अभ्यर्थियों का चयन हो गया है और ममता से सभी उम्मीदवारों की ओर से पैसे जमा कराने को कहा।
17 लाख रुपये की ठगी
शिकायत के मुताबिक, ममता ने अभ्यर्थियों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से राशि लेकर आरोपियों को सौंप दी। इस तरह आरोपियों ने कुल 17 लाख रुपये अपने खातों और नकद के रूप में हासिल किए।
विभाग पहुंचने पर खुला फर्जीवाड़ा
जब सभी अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विभागों में ज्वाइन करने पहुंचे तो पता चला कि सभी नियुक्ति पत्र फर्जी हैं और नौकरी के नाम पर उनके साथ ठगी हुई है।पीड़ितों ने जब इस संबंध में विजय कुमार सिन्हा से शिकायत की तो उसने कुछ रकम लौटाकर मामला दबाने की कोशिश की और किसी को जानकारी नहीं देने की बात कही।
पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बाकी पैसे मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि यदि दोबारा पैसे मांगे गए तो सड़क दुर्घटना कराकर हत्या कर दी जाएगी और किसी को साजिश का पता भी नहीं चलेगा।
कई युवाओं से लाखों रुपये वसूले
शिकायत में बताया गया है कि इस गिरोह ने कई अन्य बेरोजगार युवक-युवतियों से भी अलग-अलग रकम वसूली। इनमें ममता कुमारी से 2.80 लाख रुपये, मनीष कुमार से 2.80 लाख रुपये, मनीषा कुमारी से 1.60 लाख रुपये समेत अन्य अभ्यर्थियों से भी लाखों रुपये लिए गए।
पुलिस जांच में जुटी
अरगोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों के लेन-देन, नकद भुगतान, फर्जी नियुक्ति पत्रों और आरोपियों द्वारा संचालित कार्यालय की जांच कर रही है। साथ ही अन्य पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।









