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झारखंड-महिला अफसर मर्डर केस: बंद कमरे में प्रेमी और महिला सुपरवाइजर में जानिये किस बात पर हुई लड़ाई, बंद कमरे में चाकूबाजी के पीछे की पूरी कहानी

चक्रधरपुर में महिला सुपरवाइजर अनीता बिंद की हत्या से सनसनी फैल गई। कमरे से चीख-पुकार के बाद भाग रहे युवक अनिल कुमार बिंद को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

Anita Bind Murder: पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षिका अनीता बिंद की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि घटना के वक्त अनीता अपने किराए के कमरे में थीं और उनसे मिलने अनिल कुमार बिंद नामक युवक पहुंचा था। कुछ देर बाद कमरे से चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी और इसके बाद युवक वहां से निकलकर भागने लगा। स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रेमिका के साथ आरोपी की मोबाइल के किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद युवती चीखने लगी, जिसके बाद गुस्से में आकर युवक ने चाकू से वार कर दिया। हालांकि इस बारे में अभी अधिकृत जानकारी नहीं आयी है। घटना के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कमरे के भीतर आखिर क्या हुआ था और अनीता की हत्या के पीछे की वजह क्या थी। पुलिस मृतका और हिरासत में लिए गए युवक के बीच संबंधों समेत वारदात से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।

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करीब 15 दिन पहले ही किराए के मकान में रहने आई थीं अनीता

अनीता बिंद मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं। वह पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा प्रखंड स्थित महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में महिला पर्यवेक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। नौकरी के सिलसिले में वह चक्रधरपुर के शीतला मंदिर ग्वाला पट्टी, वार्ड नंबर सात में संजय कुमार साव के मकान में किराए पर रह रही थीं।मकान मालिक के मुताबिक, अनीता करीब 15 दिन पहले ही वहां रहने आई थीं। गुरुवार को उनके कमरे में एक युवक के पहुंचने के बाद अचानक हुई घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया।

दोपहर करीब दो बजे कमरे पर पहुंचा था युवक

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब दो बजे अनिल कुमार बिंद अनीता से मिलने उनके किराए के कमरे पर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि युवक और अनीता के बीच पहले से परिचय था।कुछ देर बाद मकान के ऊपरी हिस्से से अचानक चीखने-चिल्लाने और शोर की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग सतर्क हुए और कमरे की ओर बढ़े।

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चीख-पुकार के बाद कमरे से निकलकर भागा

स्थानीय लोगों के कमरे की तरफ पहुंचने के दौरान युवक अनिल वहां से तेजी से निकलकर भागने लगा। लोगों को उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी। इसके बाद आसपास के लोगों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया।पूछताछ के दौरान युवक ने खुद को अनीता का परिचित बताया। उसने यह भी कहा कि वह अनीता से मिलने आया था। इसके बाद जब लोग कमरे के अंदर पहुंचे तो वहां अनीता गंभीर हालत में पड़ी मिलीं।

खून से लथपथ मिलीं अनीता

कमरे के अंदर अनीता फर्श पर खून से लथपथ हालत में मिलीं। उनके शरीर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान बताए गए हैं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही चक्रधरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अनीता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया

पुलिस ने मौके से पकड़े गए युवक की पहचान अनिल कुमार बिंद के रूप में की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अनिल भी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का रहने वाला है।

पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अनीता और अनिल के बीच किस तरह का संबंध था और कमरे के भीतर ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी, जिसके बाद अनीता की जान चली गई।

हत्या की वजह और हथियार की तलाश

फिलहाल हत्या के पीछे की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। पुलिस अनीता की मौत से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है।शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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