Kanwar Yatra School Closed: कांवड़ यात्रा के चलते कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, जानें कहां-कहां कब तक रहेगी छुट्टी
Kanwar Yatra School Closed 2026: कांवड़ यात्रा के कारण कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद। जानें किन जिलों में कब तक रहेगी छुट्टी।

Kanwar Yatra School Closed: सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गयी है। कई जगहों पर कांवड़ यात्रा को लेकर स्कूल में छुट्टी का आदेश जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में स्कूलों और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के लिए अलग-अलग अवधि तक अवकाश घोषित किया है।
मेरठ और मुजफ्फरनगर में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ और मुजफ्फरनगर में सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को 12 अगस्त 2026 तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मार्गों पर भारी भीड़ के कारण यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
गाजियाबाद में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद
गाजियाबाद में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने आदेश जारी कर 3 अगस्त से 12 अगस्त तक नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था प्राथमिकता रहेगी।
हरिद्वार और ऋषिकेश में 11 अगस्त तक अवकाश
उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा के कारण 30 जुलाई से 11 अगस्त तक सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए इस अवधि में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
इन जिलों में सावन के सोमवार और शनिवार को छुट्टी
कई जिलों में पूरे अवकाश की बजाय सावन के सोमवार और कुछ स्थानों पर शनिवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
• बरेली: सावन के सभी सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि शिक्षकों को विद्यालय पहुंचना होगा।
• मुरादाबाद: सावन के पहले सोमवार को स्कूल बंद रहे।
• एटा और बदायूं: नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में सावन के सभी सोमवार और शनिवार को अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
- जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रमुख मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।









