झारखंड छात्र आंदोलन: सरकार में कमेटी को लेकर बड़ा कंफ्यूजन, वित्त मंत्री ने किया इनकार, दीपिका पांडे के बयान से बढ़ी चर्चा
झारखंड छात्र आंदोलन के बीच सरकार में वार्ता कमेटी को लेकर भ्रम की स्थिति। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बातचीत के लिए कमेटी बनने से इनकार किया, जबकि दीपिका पांडे सिंह ने पहले इसकी पुष्टि की थी।

रांची। झारखंड में परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार के भीतर ही बड़ा कंफ्यूजन चल रहा है। सरकार की तरफ से बनायी कमेटी को लेकर मंत्रियों के ही अलग-अलग बयान ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। पहले मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने दावा किया कि छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है, लेकिन बाद में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई वार्ता समिति गठित नहीं की गई है।
वित्त मंत्री बोले- बातचीत के लिए कोई कमेटी नहीं
दीपिका पांडेय के बयान के बाद बुधवार देर रात वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ये कहकर सबको हैरान कर दिया कि सरकार ने छात्रों से वार्ता के लिए कोई विशेष कमेटी नहीं बनाई है। उन्होंने बताया कि मंत्रियों का एक समूह जरूर गठित किया गया है, लेकिन उसका उद्देश्य केवल छात्र आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रखना है, न कि आंदोलनरत छात्रों से औपचारिक बातचीत करना।उन्होंने कहा कि इस समूह में दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हैं।
“छात्रों के हित में सरकार पूरी तरह संवेदनशील”
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार दोनों छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हित में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह संदेश छात्रों तक पहुंचा दिया गया है।उन्होंने कहा कि अब यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे सरकार के साथ कब और किस तरीके से बातचीत करना चाहते हैं।
दीपिका पांडे सिंह ने पहले क्या कहा था?
इससे पहले मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि सरकार ने छात्रों से संवाद के लिए मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है और सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने कहा था कि सरकार चाहती है कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से निकले और अब छात्रों को तय करना है कि वे कब वार्ता के लिए तैयार होंगे।
बयानों से बढ़ा भ्रम
दीपिका पांडे सिंह के बयान के बाद राज्य के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने खबर प्रकाशित की कि सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए पांच मंत्रियों की कमेटी बनाई है। हालांकि, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मंत्रियों का समूह केवल आंदोलन की निगरानी के लिए बनाया गया है, वार्ता समिति के रूप में नहीं।सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के अलग-अलग बयानों से छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की रणनीति पर सवाल भी उठने लगे हैं।









