जिसे समझ रही थी ‘राजकुमार’, वो निकली ‘राजकुमारी’! प्यार की कहानी पहुंची मुंबई, लड़के के भेष में 18 वर्षीय युवती से हुई थी मुलाकात, लड़की के अपहरण की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पाकुड़ में नाबालिग लड़की के कथित अपहरण की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिसे लड़की अपना राजकुमार समझ रही थी, वह 18 वर्षीय युवती निकली। दोनों मुंबई से बरामद हुए।

पाकुड़। प्यार की कहानी में ट्विस्ट तो आपने खूब सुने होंगे, लेकिन पाकुड़ में सामने आया मामला कुछ ऐसा है, जिसने पुलिस को भी जांच के दौरान चौंका दिया। एक नाबालिग लड़की जिसे अपना ‘राजकुमार’ समझ रही थी, पुलिस जांच में वह ‘राजकुमारी’ निकली।
मामला पाकुड़िया थाना क्षेत्र का है। यहां एक नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद परिजनों ने अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर नाबालिग को महाराष्ट्र के मुंबई से सुरक्षित बरामद कर लिया। उसके साथ एक 18 वर्षीय युवती भी मिली। इसके बाद जब थाने में दोनों के बयान दर्ज हुए तो पूरी कहानी का राज खुला।
वर्धमान में हुई थी मुलाकात
पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले नाबालिग लड़की की मुलाकात पश्चिम बंगाल के वर्धमान में एक 18 वर्षीय युवती से हुई थी। आरोप है कि युवती ने खुद को लड़के के रूप में पेश किया था।
दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नाबालिग लड़की उसे लड़का समझने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और मामला इतना आगे बढ़ा कि नाबालिग ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
यानी जिस शख्स को वह अपना ‘राजकुमार’ समझ रही थी, उसकी असली पहचान उसे मालूम ही नहीं थी।
घर से निकली और सीधे मुंबई पहुंची
बताया जा रहा है कि 20 सितंबर की रात परिवार के सदस्यों के सोने के बाद नाबालिग घर से चली गई। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तलाश शुरू की।परिजनों को वर्धमान में मिली उसी युवती पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का शक हुआ। पिता ने कथित तौर पर युवती से संपर्क कर बेटी को वापस भेजने की अपील की, लेकिन बात नहीं बनी।इसके बाद पिता ने पाकुड़िया थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की तकनीकी जांच से मुंबई तक पहुंची टीम
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को दोनों के मुंबई में होने का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को महाराष्ट्र के मुंबई से सुरक्षित बरामद कर लिया।नाबालिग की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
थाने में खुला ‘राजकुमार’ का राज
रविवार को दोनों को महिला थाना लाया गया। महिला थाना प्रभारी ने जब उनके बयान दर्ज किए तो जांच के दौरान उस शख्स की पहचान सामने आई, जिसे नाबालिग अब तक लड़का समझ रही थी।
पुलिस के मुताबिक, वह 18 वर्षीय युवती थी, जिसने कथित तौर पर लड़के का भेष बनाकर नाबालिग से संपर्क बढ़ाया था।यानी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट यही था—जिसे नाबालिग अपना ‘राजकुमार’ समझकर घर से निकल गई थी, वह असल में ‘राजकुमारी’ निकली।
युवती के खिलाफ दर्ज हुई FIR
पाकुड़िया थाना प्रभारी मनोज कुमार ने मामले की पुष्टि की है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और 18 वर्षीय युवती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। नाबालिग के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस पहचान को लेकर है, जो मुंबई पहुंचने के बाद पुलिस जांच में सामने आई। जिस ‘राजकुमार’ के साथ नाबालिग घर से निकलकर मुंबई तक पहुंच गई, जांच में उसकी पहचान एक युवती के रूप में हुई।












