जयराम महतो पर ढुल्लू महतो ने कह दी ऐसी बात, अब मामला गरमाना तय, कह दिया, “गिरगिट भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदलता”
Dhullu Mahato has made a remark about Jairam Mahato that is bound to heat up the situation, stating, "Even a chameleon doesn't change its colors this quickly."

धनबाद। धनबाद की सियासत में फिर से आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा सांसद ढुल्लू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। जयराम महतो पर ढुल्लू महतो के बयान के बाद आरोपों की राजनीति और भी गरमा सकती है। मंगलवार को IIT-ISM धनबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर तीखा हमला बोला।
सांसद ने आरोप लगाया कि जयराम महतो लगातार अपना राजनीतिक रुख बदलते रहे हैं और कई मुद्दों पर उनके बयानों में बदलाव देखने को मिलता है।ढुल्लू महतो ने जयराम महतो के 1932 के खतियान और भाषा के मुद्दे को लेकर भी उनके राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों को लेकर जयराम महतो राजनीति में सक्रिय हुए, समय के साथ उन्हीं मुद्दों पर उनका रुख बदलता रहा है।
‘गिरगिट भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदलता’
मीडिया से बातचीत के दौरान ढुल्लू महतो ने जयराम महतो के राजनीतिक रुख में कथित बदलाव को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “गिरगिट भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदलता, जितनी जल्दी जयराम महतो अपनी बात बदलते हैं।”
सांसद ने यह भी कहा कि जयराम महतो विनोद बिहारी महतो और सुनील महतो के नाम पर चुनाव जीतकर आए हैं, लेकिन उनके अनुसार वे माफिया और रंगदारों के खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं दिखा पाए हैं।ढुल्लू महतो के इस बयान के बाद धनबाद की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू होने के आसार हैं।
माफिया और रंगदारों के खिलाफ बोलने को लेकर सवाल
ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे माफियाओं और रंगदारों के खिलाफ खुलकर आवाज नहीं उठाते। सांसद ने आरोप लगाया कि जयराम महतो कथित तौर पर माफियाओं से पैसा लेकर बयान देते हैं। हालांकि, ये आरोप ढुल्लू महतो की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। जयराम महतो की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।
1932 और भाषा के मुद्दे पर भी घेरा
झारखंड की राजनीति में 1932 के खतियान और भाषा का मुद्दा लंबे समय से महत्वपूर्ण राजनीतिक विषय रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर निशाना साधा।सांसद ने सवाल उठाया कि जयराम महतो ने इन मुद्दों को लेकर जिस राजनीतिक रुख के साथ अपनी पहचान बनाई, क्या वर्तमान समय में भी उनका वही रुख कायम है। उन्होंने जयराम महतो पर बार-बार अपनी बात बदलने का आरोप लगाया।
कथित गाली-गलौज के सवाल पर भी दिया जवाब
मीडिया बातचीत के दौरान जब जयराम महतो के समर्थकों की ओर से कथित गाली-गलौज को लेकर सवाल पूछा गया तो ढुल्लू महतो ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि “जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा।”
सांसद के इस बयान को दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक जुबानी जंग के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस बयान का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में किस तरह दिखाई देता है, यह जयराम महतो और उनके समर्थकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
अब जयराम महतो के जवाब पर नजर
ढुल्लू महतो के लगातार तीखे बयानों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में जयराम महतो की प्रतिक्रिया का इंतजार है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद और बयानबाजी सामने आती रही है।
मंगलवार को ढुल्लू महतो द्वारा लगाए गए आरोपों ने इस राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर 1932, भाषा, माफिया और राजनीतिक रुख बदलने जैसे मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। जयराम महतो का पक्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया और उनका पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।










