धनबाद में पुलिस मुठभेड़: कई हत्याकांड में शामिल शंकर डे उर्फ पिंकू डे के पैर में लगी गोली, हथियार बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश…
Dhanbad Police Encounter: शंकर डे को गोली, राम प्रताप हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद नए खुलासे

Dhanbad: धनबाद में राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के संदिग्ध शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पुलिस ने मैथन के पास से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने राम प्रताप की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस उसे हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए टुंडी प्रखंड के मनियाडीह ले गई। इसी दौरान आरोपी ने एक सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कई कांड में है शामिल
पुलिस के मुताबिक, शंकर डे ने खरिकाबाद में 21 जून को हुई आटा मिल कर्मी उमेश यादव की हत्या और लूट की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में बरवाअड्डा बाजार समिति में तेल कारोबारी पर हुए हमले और लूट की घटना को लेकर भी उससे पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, शंकर डे का नाम वर्ष 2009 में हुए कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था। पुलिस अब उसके कथित साथियों की तलाश कर रही है और अन्य मामलों में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।

साथी से लूट की रकम बंटवारा विवाद में हत्या की आशंका
ग्रामीण एसपी मो. याकूब के अनुसार, अगस्त महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में राम प्रताप प्रसाद की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनकी पत्नी ने पुलिस को बताया था कि राम प्रताप दो दिनों से लापता हैं। शिकायत में शंकर नाम के व्यक्ति पर संदेह जताया गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध मैथन के आसपास मौजूद है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पकड़ लिया। पूछताछ में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस उसे हथियार की बरामदगी के लिए मनियाडीह ले गई।
जून में हुई लूट के बाद साथी से बिगड़े थे रिश्ते
पुलिस के मुताबिक, राम प्रताप प्रसाद और शंकर डे कथित तौर पर मिलकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। जून महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना के बाद दोनों के बीच रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के कारण शंकर ने राम प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी।
ग्रामीण एसपी ने यह भी बताया कि मनियाडीह क्षेत्र से पहले एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, जांच में उस शव की पहचान राम प्रताप प्रसाद के रूप में हुई और उनकी हत्या में शंकर डे की संलिप्तता सामने आई है।
हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मनियाडीह में हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान आरोपी ने सब-इंस्पेक्टर की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश करते हुए गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच
पुलिस अब आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य घटनाओं में उसकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उससे आगे पूछताछ की जाएगी। साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी है।












