सफर शुरू होते ही आने लगती है उल्टी? कहीं आपको भी तो नहीं है मोशन सिकनेस, जानें कारण और बचाव के आसान उपाय
कार, बस या ट्रेन में जी मिचलाने और उल्टी से परेशान हैं? जानें मोशन सिकनेस के कारण, लक्षण, बचाव के आसान उपाय और दवा लेने से जुड़ी सावधानियां।

Health Desk : क्या कार, बस या ट्रेन में बैठते ही आपका जी मिचलाने लगता है? क्या कुछ दूर सफर करने के बाद चक्कर आने, सिरदर्द और उल्टी जैसी परेशानी होने लगती है? अगर हां, तो इसकी वजह मोशन सिकनेस (Motion Sickness) हो सकती है। यह समस्या कई लोगों के लिए सफर को मुश्किल बना देती है। खासकर पहाड़ी रास्तों, घुमावदार सड़कों और लंबी यात्राओं के दौरान इसके लक्षण ज्यादा परेशान कर सकते हैं।
हालांकि, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर मोशन सिकनेस की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि मोशन सिकनेस क्या है, इसके लक्षण कैसे पहचानें और सफर के दौरान इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
आखिर क्यों सफर में होने लगती है उल्टी?
मोशन सिकनेस की मुख्य वजह आंखों और शरीर के संतुलन को नियंत्रित करने वाले अंदरूनी कान से दिमाग तक पहुंचने वाले संकेतों में तालमेल की कमी है।जब आप चलती गाड़ी में मोबाइल देखते हैं या किताब पढ़ते हैं, तो आपकी आंखें सामने मौजूद स्थिर स्क्रीन या पन्नों पर केंद्रित रहती हैं। वहीं, अंदरूनी कान गाड़ी की गति और झटकों को महसूस करता है। दोनों से मिलने वाले संकेतों में अंतर होने पर दिमाग भ्रमित हो सकता है। इसी कारण जी मिचलाना, चक्कर आना और उल्टी जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
मोशन सिकनेस के ये लक्षण न करें नजरअंदाज
हर व्यक्ति में मोशन सिकनेस के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। इसके सामान्य संकेत हैं:
• जी मिचलाना और उल्टी होना।
• सिरदर्द और चक्कर आना।
• ठंडा पसीना आना।
• मुंह में अधिक लार बनना।
• पेट में बेचैनी और असहजता महसूस होना।
• थकान, कमजोरी और बेचैनी होना।
कुछ लोगों में लक्षण हल्के होते हैं, जबकि दूसरों को बार-बार उल्टी होने से काफी परेशानी हो सकती है।
बच्चों और पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वालों को ज्यादा परेशानी
मोशन सिकनेस किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बच्चों और माइग्रेन से पीड़ित लोगों में इसकी आशंका अधिक हो सकती है। जिन लोगों को पहले भी यात्रा के दौरान उल्टी या चक्कर आने की समस्या रही है, उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इन परिस्थितियों में परेशानी बढ़ सकती है:
• पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर सफर करना।
• चलती गाड़ी में मोबाइल चलाना या किताब पढ़ना।
• सफर के दौरान लगातार नीचे की ओर देखना।
• यात्रा से ठीक पहले बहुत ज्यादा या तला-भुना भोजन करना।
• गाड़ी में तेज गंध या घुटन महसूस होना।
सफर में उल्टी से बचना है तो अपनाएं ये 5 आसान उपाय
1. मोबाइल और किताबों से बनाएं दूरी
सफर के दौरान मोबाइल देखने या किताब पढ़ने से बचें। इसके बजाय सामने सड़क या दूर क्षितिज की ओर देखें। इससे आंखों और अंदरूनी कान से मिलने वाले संकेतों में बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिल सकती है।
2. सही सीट पर बैठें
कार में संभव हो तो आगे की यात्री सीट चुनें। बस में आगे की ओर और ट्रेन में यात्रा की दिशा में बैठने से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। कार चलाते समय चालक की सीट पर बैठने का सुझाव नहीं है, जब तक आप वाहन चला नहीं रहे हों।
3. सफर से पहले हल्का भोजन करें
बहुत भारी, तला-भुना या अधिक चिकनाई वाला भोजन खाने से बचें। हल्का भोजन करें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। खाली पेट रहने से भी कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।
4. ताजी हवा लें
सुरक्षित हो तो खिड़की से ताजी हवा आने दें या वाहन का वेंटिलेशन ठीक रखें। तेज परफ्यूम और ऐसी गंधों से दूर रहें, जिनसे जी मिचलाता हो।
5. लंबी यात्रा में बीच-बीच में आराम करें
संभव हो तो सुरक्षित स्थान पर रुककर कुछ देर आराम करें और ताजी हवा लें। लक्षण शुरू होने पर सिर को स्थिर रखें और आंखें बंद करके आराम करना भी मददगार हो सकता है।
क्या अदरक खाने से मोशन सिकनेस में राहत मिलती है?
कुछ लोगों को सफर के दौरान अदरक से जी मिचलाने में राहत महसूस हो सकती है। हालांकि, मोशन सिकनेस पर अदरक के प्रभाव से जुड़े वैज्ञानिक प्रमाण सीमित और एकसमान नहीं हैं। इसलिए इसे निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।इसी तरह, कुछ लोगों को धीमी सांस लेने, सिर स्थिर रखने और यात्रा से पहले पर्याप्त आराम करने से भी फायदा हो सकता है।
मोशन सिकनेस की दवा कब लेनी चाहिए?
यदि हर बार सफर के दौरान उल्टी या चक्कर आते हैं, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेकर दवा के विकल्पों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। मोशन सिकनेस की कुछ दवाएं यात्रा शुरू होने से पहले अधिक प्रभावी होती हैं, लेकिन उनसे नींद या सुस्ती आ सकती है।बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दूसरी दवाएं लेने वाले लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसी दवाएं नहीं लेनी चाहिए। दवा लेने के बाद वाहन चलाने से भी बचें, यदि उससे उनींदापन होता है।
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
सामान्य मोशन सिकनेस के लक्षण आमतौर पर यात्रा रुकने के बाद कम हो जाते हैं। लेकिन यदि उल्टी लगातार हो रही है, पानी नहीं रुक रहा, पेशाब कम हो रहा है या शरीर में पानी की कमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो चिकित्सकीय सहायता लें।यदि चक्कर अचानक और बहुत तेज हों, चलने में परेशानी हो, बेहोशी आए, तेज सिरदर्द हो या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो इसे केवल मोशन सिकनेस समझकर नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष: सफर के दौरान जी मिचलाना और उल्टी होना आम परेशानी हो सकती है, लेकिन सही सीट चुनने, मोबाइल से दूरी रखने, हल्का भोजन करने और ताजी हवा लेने जैसे उपायों से काफी लोगों को राहत मिलती है। यदि समस्या बार-बार होती है या गंभीर है, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।











