Rupi Soren Sanskar Bhoj: मटन-चावल, फ्राई मछली और मिठाइयों की कई वैराइटी… 2 लाख लोगों के लिए हुआ भोज का इंतजाम, 12 तरह के व्यंजन,3 बड़े पंडालों में चला भोज

रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्ध एवं संस्कार भोज में रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। राजनीतिक हस्तियों के साथ सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी पहुंचकर दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। आयोजन में शामिल होने वालों की भारी संख्या को देखते हुए भोजन से लेकर सुरक्षा और परिवहन तक के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

2 लाख लोगों के लिए भोजन, तीन बड़े पंडालों में व्यवस्था
रूपी सोरेन के संस्कार भोज में आने वाले लोगों के लिए बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजकों की ओर से करीब 2 लाख से अधिक लोगों के लिए इंतजाम किए जाने की जानकारी दी गई। सुबह 11 बजे के बाद आम लोगों के लिए भोज शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।
कार्यक्रम स्थल पर तीन बड़े पंडाल बनाए गए थे। इनमें एक साथ 5,000 से अधिक लोगों के बैठकर भोजन करने की व्यवस्था थी। लगातार पहुंच रहे लोगों को भोजन कराने के लिए इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।
मटन, फ्राई मछली से लेकर मिठाइयों तक, परोसे गए 12 तरह के व्यंजन
संस्कार भोज में मेहमानों के लिए भोजन का विशेष इंतजाम किया गया था। मेन्यू में पारंपरिक व्यंजनों के साथ मांसाहारी पकवान और कई तरह की मिठाइयां शामिल थीं। मेहमानों को कुल 12 तरह के व्यंजन परोसे जाने की जानकारी सामने आई।
भोज में दाल, चावल, पूरी, आलू-परवल की सब्जी, मिक्स वेज, फ्राई मछली, मटन, दही, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बूंदी, पापड़ और सलाद समेत कई चीजें रखी गई थीं। पकौड़ी की भी व्यवस्था की गई थी।
आयोजन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन करने वाले मेहमानों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। इससे बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को भोजन कराने में सुविधा हुई। संस्कार भोज में शामिल होने आए आम लोगों से लेकर विशिष्ट अतिथियों तक के लिए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
सुरक्षा में 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
नेमरा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने के लिए 14 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी, 65 इंस्पेक्टर और 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
पुलिस बल सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में जुटा रहा। कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और आगंतुकों को किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए इंतजाम किए गए थे।
पार्किंग से गांव तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा
संस्कार भोज में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थल से नेमरा गांव के कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने की व्यवस्था भी की गई थी। इसके लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा लगाए गए थे।
दूर-दराज से आने वाले लोगों को वाहन पार्क करने के बाद आयोजन स्थल तक पहुंचने में सुविधा मिली। झारखंड के सभी 24 जिलों के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल से भी लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बीच सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहा।
मेहमानों से मिलते रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
माता रूपी सोरेन के संस्कार भोज में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं मौजूद रहे। वह अति विशिष्ट और विशिष्ट अतिथियों के साथ आम लोगों से भी मिलते रहे। उन्होंने मेहमानों से बातचीत की और भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
संस्कार भोज में राजनीतिक नेताओं के अलावा धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। नेमरा में जुटी भारी भीड़ ने रूपी सोरेन के प्रति लोगों की श्रद्धा और सोरेन परिवार के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को भी सामने रखा।
करीब 2 लाख लोगों के लिए भोजन, हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सैकड़ों ई-रिक्शा की व्यवस्था के बीच पूरा आयोजन बड़े स्तर पर संचालित किया गया। सुबह से देर रात तक लोगों के पहुंचने और भोजन करने का सिलसिला जारी रहा।












