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शिक्षकों के लिए अच्छी खबर: Teacher की ड्यूटी को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, शिक्षकों को अब नहीं होना होगा परेशान, जानिये मंत्री ने क्या कहा…

Good news for teachers: Education Minister makes a big announcement regarding teachers' duties; teachers will no longer have to worry. Find out what the minister said...

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि Teacher को उनके मूल दायित्व यानी पठन-पाठन से इतर गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना, निर्वाचन और आपदा प्रबंधन को छोड़कर किसी भी अन्य कार्य में Teacher की सेवा नहीं ली जाएगी। इसके लिए पहले ही जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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Teacher News/11.2.26 : शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने को लेकर लंबे समय से उठ रही चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। मंगलवार को बिहार विधान परिषद में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को आश्वस्त किया कि Teacher को उनके मूल कार्य पठन-पाठन से हटाकर अन्य गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार Teacher के मान-सम्मान और शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।

दरअसल यह बयान प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव द्वारा लाए गए गैर-सरकारी संकल्प के उत्तर में दिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। मंत्री ने सदन को बताया कि वर्ष 2023 में ही प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से आदेश जारी कर दिया गया था, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि जनगणना, निर्वाचन और आपदा में सहायता को छोड़कर Teacher से किसी अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य में सेवा नहीं ली जाएगी।

बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आगे बताया कि विभाग ने सभी जिलों से उन Teacher की सूची भी मांगी है, जो वर्तमान में किसी न किसी गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उसे तुरंत सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने सदन में पठन-पाठन की स्थिति पर चिंता जताते हुए यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने एक हिंदी अखबार में प्रकाशित उस लेख का हवाला दिया, जिसमें किसी अन्य राज्य में आवारा कुत्तों की गणना जैसे कार्यों में Teacher को लगाए जाने का उल्लेख था। प्रो. यादव ने कहा था कि इस तरह के कार्यों में शिक्षकों की तैनाती से न केवल उनका सम्मान प्रभावित होता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता भी गिरती है।

शिक्षा मंत्री ने उनके सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीति पूरी तरह से शिक्षकों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि Teacher को केवल उन्हीं कार्यों में लगाया जाएगा, जो संवैधानिक या आपात प्रकृति के हों, जैसे जनगणना, निर्वाचन प्रक्रिया और आपदा प्रबंधन में सहायता। इसके अलावा किसी भी अन्य कार्य में Teacher की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है।

सरकार के इस स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर के बाद प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने अपना गैर-सरकारी संकल्प वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन से वह संतुष्ट हैं और उम्मीद है कि जमीनी स्तर पर भी इसका पूरी तरह पालन किया जाएगा।सदन को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने यह भी कहा कि यदि कहीं किसी Teacher को गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाया जा रहा है या इस संबंध में कोई समस्या है, तो वे व्यक्तिगत रूप से उन्हें अवगत करा सकते हैं।

इसके अलावा संबंधित पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मंत्री ने दोहराया कि Teacher का सम्मान और उनका समय बच्चों की शिक्षा के लिए सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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